अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मुद्दे पर एक बहुत बड़ा राजनयिक कदम उठाया है। ट्रंप ने शनिवार 23 मई 2026 की रात को सऊदी अरब, कतर, यूएई, मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की के शीर्ष नेताओं से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य ईरान के साथ जारी विवाद को खत्म करना और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए एक समझौते का रास्ता तैयार करना था। इस बड़े कदम से खाड़ी क्षेत्र के साथ-साथ पूरी दुनिया की नजरें अब इस समझौते पर टिकी हुई हैं।

डोनाल्ड ट्रंप और खाड़ी देशों के नेताओं के बीच क्या चर्चा हुई?

आधिकारिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार दोपहर को एक कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए इन छह देशों के नेताओं से बातचीत की। ट्रंप ने खुद इस बात को स्वीकार किया कि ईरान के साथ किसी समझौते पर पहुंचने की संभावना अभी पचास-पचास प्रतिशत बनी हुई है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया कि बातचीत में कुछ सकारात्मक प्रगति हुई है और जल्द ही कोई बड़ी खबर आ सकती है। खाड़ी देश लगातार इस बात की वकालत कर रहे हैं कि बातचीत के जरिए ही संकट का समाधान निकाला जाए।

पाकिस्तान और अन्य देशों की इस मामले में क्या है भूमिका?

इस पूरे मामले में मध्यस्थता की कोशिशें भी काफी तेज हो गई हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने हाल ही में ईरान की एक महत्वपूर्ण यात्रा पूरी की है, जहां उनकी ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सकारात्मक चर्चा हुई। वहीं दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बघाई ने बताया कि पहले चरण में संघर्ष को रोकने के लिए एक समझौते पर बातचीत चल रही है। हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप से अपील की है कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करें क्योंकि वे इस समझौते से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने किन-किन देशों के नेताओं से फोन पर बात की?

डोनाल्ड ट्रंप ने 23 मई 2026 को सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की के नेताओं से फोन पर बात की।

इस बातचीत का मुख्य विषय क्या था?

इस बातचीत का मुख्य विषय ईरान के साथ जारी तनाव को कम करना, वहां संघर्ष विराम लागू करना और परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत का रास्ता खोलना था।