Donald Trump ने सऊदी अरब और वहां के नेतृत्व के बारे में काफी सकारात्मक बातें कही हैं. उन्होंने सऊदी अरब को एक शानदार देश बताया और कहा कि वहां के नेता दुनिया में शांति चाहते हैं. इस बयान के साथ-साथ ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और शांति प्रयासों को लेकर भी अपनी राय रखी है.

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बोर्ड ऑफ पीस और सऊदी अरब का योगदान

Donald Trump ने एक “Board of Peace” बनाया है जिसका मुख्य मकसद विवादों को सुलझाना और मानवीय मदद पहुँचाना है. जनवरी 2026 में सऊदी अरब, यूएई, कतर और तुर्की जैसे कई मुस्लिम देश इस पहल में शामिल हुए थे. फरवरी 2026 में सऊदी अरब ने इस बोर्ड के लिए 1 बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद देने का वादा किया था. सऊदी विदेश मंत्री अल-जुबैर ने भी क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई थी.

मिडिल ईस्ट में तनाव और ट्रंप के हालिया फैसले

24 अप्रैल 2026 को ट्रंप ने ऐलान किया कि इसराइल और लेबनान के बीच सीजफायर को तीन हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया है. वहीं, ईरान के साथ तनाव बढ़ गया है और ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में ईरानी छोटी नावों के लिए “शूट एंड किल” का आदेश दिया है. ट्रंप ने यह भी साफ किया कि वे ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे. साथ ही उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अब सऊदी अरब और रूस दोनों मिलाकर जितना तेल बनाता है, उससे ज़्यादा तेल पैदा कर रहा है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.