अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने ऐलान किया है कि Strait of Hormuz में जो जहाज फंसे हुए हैं, उन्हें निकालने के लिए अमेरिका मदद करेगा. इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है. यह पूरा ऑपरेशन सोमवार सुबह से शुरू होने वाला है.

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Project Freedom क्या है और यह कब शुरू होगा?

राष्ट्रपति Donald Trump ने इस ऑपरेशन को Project Freedom नाम दिया है. यह काम सोमवार सुबह, 4 मई 2026 को Middle East समय के अनुसार शुरू होगा. अमेरिका इसे एक मानवीय मदद बता रहा है ताकि उन तटस्थ देशों के जहाजों और कर्मचारियों को निकाला जा सके जो कई हफ्तों से वहां फंसे हैं. Trump ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर इस प्रक्रिया में कोई रुकावट डाली गई, तो उसका जवाब सख्ती से दिया जाएगा.

ईरान का क्या स्टैंड है और कितने लोग फंसे हैं?

International Maritime Organization (IMO) के मुताबिक, इस इलाके में करीब 2,000 जहाज और 20,000 से ज्यादा नाविक फंसे हुए हैं. इनमें से बहुत से लोग दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के रहने वाले हैं. दूसरी तरफ, ईरान का कहना है कि Strait of Hormuz पर उनका कंट्रोल है और जो जहाज टोल देंगे, वही वहां से गुजर सकेंगे. ईरान के डिप्टी स्पीकर Ali Nikzad ने कहा है कि उनका देश अपने इस फैसले से पीछे नहीं हटेगा.

तेल की कीमतों और ईरान पर दबाव का क्या असर होगा?

इस घोषणा के बाद तेल की कीमतों में एक बैरल पर 1 डॉलर से ज्यादा की कमी आई है. US Treasury Secretary Scott Bessent ने बताया है कि ईरान का तेल स्टोरेज तेजी से भर रहा है, जिससे आने वाले हफ्ते में उन्हें अपने तेल के कुएं बंद करने पड़ सकते हैं. अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी की हुई है, जिसमें अब तक 49 कमर्शियल जहाजों को वापस भेजा जा चुका है. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के नेताओं के साथ बातचीत सकारात्मक चल रही है, हालांकि उन्होंने ईरान के 14 सूत्री शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में कितने जहाज और लोग फंसे हुए हैं?

IMO की रिपोर्ट के अनुसार, वहां लगभग 2,000 जहाज और 20,000 से ज्यादा नाविक फंसे हुए हैं, जिनमें दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के लोग शामिल हैं.

Project Freedom का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य उन तटस्थ और मासूम देशों के जहाजों और उनके क्रू को सुरक्षित बाहर निकालना है जो ईरान द्वारा रास्ता बंद किए जाने की वजह से फंसे हुए हैं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.