अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ हुए समझौते को लेकर बहुत सख्त बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान ने जो शर्तें लीक की हैं, उनका असली लिखित समझौते से कोई लेना-देना नहीं है. इस बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले की खबर ने तनाव और बढ़ा दिया है.

ℹ️: Trump ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी, बोले जल्दी सुधारो अपना तरीका, शांति समझौते और ड्रोन हमले पर बड़ा अपडेट

ट्रंप ने ईरान को कहा बेईमान

Donald Trump ने अपने Truth Social अकाउंट पर लिखा कि ईरान के अधिकारी बहुत बेईमान हैं और उनके साथ ईमानदारी से डील नहीं की जा सकती. उन्होंने साफ़ किया कि जो बातें मीडिया में आ रही हैं, वे गलत हैं और असल में जो लिखित समझौता हुआ था, वह बिल्कुल अलग था. ट्रंप ने संकेत दिया कि उपराष्ट्रपति JD Vance, Steve Witkoff और Jared Kushner यूरोप में होने वाली साइनिंग सेरेमनी में शामिल हो सकते हैं.

भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमला

राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी कि कल रात हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से निकलने वाले भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमला हुआ था. हालांकि इस हमले को नाकाम कर दिया गया. ट्रंप ने इस घटना को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया और ईरान को चेतावनी दी कि वह अपनी हरकतों को जल्द से जल्द सुधारे.

ईरान के दावे और शर्तें

ईरान की सरकारी मीडिया ने एक 14 सूत्रीय मसौदा जारी किया था. इसमें कुछ मुख्य बातें ये थीं:

  • ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा.
  • अमेरिका से 300 अरब डॉलर की पुनर्निर्माण राशि मिलेगी.
  • तुरंत 24 अरब डॉलर का कैश ट्रांसफर होगा, जिसमें से आधा पैसा बातचीत से पहले मिलेगा.
  • हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को 30 दिनों के भीतर फिर से खोला जाएगा.
  • ईरान को यूरेनियम संवर्धन का अधिकार मिलेगा.

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है और अमेरिका नई शर्तें थोप रहा है.

अमेरिका और इसराइल का रुख

एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह समझौता प्रदर्शन पर आधारित है. इसका मतलब है कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म नहीं करता और परमाणु सामग्री को हटाता नहीं, तब तक उसे कोई पैसा नहीं मिलेगा. साथ ही यह भी साफ़ किया गया कि ईरान किसी भी आतंकवादी समूह को पैसा नहीं देगा. इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ट्रंप का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए.