अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की तरफ से भेजे गए हालिया शांति प्रस्ताव को ठुकराने के संकेत दिए हैं। ईरान ने प्रस्ताव में कहा था कि अगर अमेरिका अपनी नाकेबंदी हटा ले, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से समुद्री ट्रैफिक फिर से शुरू कर देगा। यह पूरी स्थिति तब सामने आई है जब दोनों देशों के बीच फरवरी 2026 से ‘रमजान युद्ध’ चल रहा है।
ईरान ने अमेरिका के सामने क्या रखा प्रस्ताव?
ईरान ने वाशिंगटन को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा था जिसमें मुख्य रूप से व्यापारिक रास्तों को खोलने की बात कही गई थी। इस प्रस्ताव की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- समुद्री रास्ता: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का सुझाव दिया।
- शर्त: इसके बदले में अमेरिका को ईरान पर लगाई गई नाकेबंदी खत्म करनी होगी।
- परमाणु मुद्दा: ईरान चाहता था कि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को फिलहाल टाल दिया जाए और इसे बाद के चरण में डिस्कस किया जाए।
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने इस सिलसिले में रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की और ओमान और पाकिस्तान का दौरा भी किया। उन्होंने अमेरिकी रवैये को ‘विनाशकारी’ बताते हुए कहा कि अमेरिका की मांगें बहुत ज़्यादा हैं और वह अपने वादों से पलट जाता है।
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका की क्या है मांग?
राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया कि वह इस प्लान को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका के पास इस समय पूरी ताकत है और अगर ईरान बात करना चाहता है, तो उसे अमेरिका की शर्तों पर आना होगा। अमेरिका की मुख्य मांगें ये हैं:
- यूरेनियम स्टॉक: ईरान अपने 60% संवर्धित (enriched) यूरेनियम के भंडार को पूरी तरह खत्म करे।
- मोरेटोरियम: अगले 10 साल तक यूरेनियम संवर्धन पर पूरी तरह रोक लगे।
- परमाणु हथियार: अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि कोई भी समझौता तभी होगा जब यह पक्का हो जाए कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।
अमेरिका को डर है कि अगर परमाणु मुद्दे को टाला गया और केवल समुद्री रास्ता खोला गया, तो अमेरिका का दबाव खत्म हो जाएगा और दुनिया में ईंधन की कीमतें बढ़ी रहेंगी।
दुनिया और आम लोगों पर इसका क्या असर होगा?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में से एक है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव Antonio Guterres ने अपील की है कि इस रास्ते को जल्द खोला जाए ताकि जहाजों को आने-जाने की आज़ादी मिले। अगर यहाँ तनाव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की असली वजह क्या है?
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के सैन्य हमलों के बाद ‘रमजान युद्ध’ शुरू हुआ था। अब मुख्य विवाद होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और ईरान के परमाणु हथियारों के प्रोग्राम को रोकने को लेकर है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?
ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान अपने 60% यूरेनियम भंडार को हटाए और 10 साल तक संवर्धन न करे, जबकि ईरान परमाणु चर्चा को बाद के लिए टालना चाहता था।