अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की तरफ से भेजे गए शांति प्रस्ताव को मानने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कोई संतोषजनक समझौता नहीं हुआ, तो सैन्य कार्रवाई ही आखिरी विकल्प बचेगा।
Trump ने क्यों ठुकराया ईरान का शांति प्रस्ताव?
राष्ट्रपति Donald Trump ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि ईरान ऐसी शर्तें रख रहा है जिन्हें वह स्वीकार नहीं कर सकते। Trump ने स्पष्ट किया कि वह मानवीय आधार पर समझौता करना चाहते हैं, लेकिन सैन्य विकल्प भी खुले हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उनके पास ऐसे विकल्प मौजूद हैं जिनसे ईरान पर जोरदार हमला किया जा सके।
समुद्री नाकेबंदी और कांग्रेस के साथ विवाद क्या है?
- नेवल ब्लॉकेड: अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से Strait of Hormuz में ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी कर रखी है। Trump ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ईरानी तेल और कार्गो जब्त कर रही है।
- कानूनी विवाद: Trump ने कांग्रेस को पत्र लिखकर कहा कि युद्धविराम के कारण शत्रुता खत्म हो गई है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि वह 1973 के War Powers Resolution के नियमों से बच सकें, जिसके तहत 60 दिनों के बाद सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होती है।
- विरोध: कांग्रेस में डेमोक्रेट्स ने Trump के इस दावे का विरोध किया है।
जर्मनी से अमेरिकी सेना की वापसी का क्या कारण है?
पेंटागन ने घोषणा की है कि अगले 6 से 12 महीनों के भीतर जर्मनी से लगभग 5,000 अमेरिकी सैनिक वापस बुला लिए जाएंगे। यह कदम राष्ट्रपति Trump और जर्मन चांसलर Friedrich Merz के बीच हुए विवाद के बाद उठाया गया है। चांसलर Merz ने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा था कि ईरान युद्ध को लेकर उनके पास कोई ठोस एग्जिट स्ट्रेटजी नहीं है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच अभी युद्ध चल रहा है?
यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 के आसपास शुरू हुआ था। 7 अप्रैल 2026 से युद्धविराम लागू है, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है और अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में कौन मध्यस्थता कर रहा है?
पाकिस्तान वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में मध्यस्थ (mediator) की भूमिका निभा रहा है ताकि दोनों देशों के बीच शांति समझौता हो सके।