अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की तरफ से भेजे गए शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। Trump ने साफ कहा कि उन्हें ईरान के प्रतिनिधियों का जवाब बिल्कुल पसंद नहीं आया और यह मंजूर नहीं है। इस तनाव के बीच उन्होंने ईरान को सीधी सैन्य चेतावनी भी दे डाली है जिससे दुनिया भर में हलचल मच गई है।

ईरान का शांति प्रस्ताव और Trump का इनकार

ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को अपना जवाब भेजा था। ईरान के इस 14 पॉइंट वाले प्लान में लेबनान में युद्ध रोकने और अपने तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों को हटाने की मांग की गई थी। हालांकि, ईरान ने अपने परमाणु केंद्रों को खत्म करने से साफ मना कर दिया है। Trump ने इस प्रस्ताव की समीक्षा की और इसे बिल्कुल नामंजूर बताया।

Trump की सीधी चेतावनी और सैन्य हमला

एक इंटरव्यू में Trump ने दावा किया कि अमेरिका सिर्फ दो हफ्ते के अंदर ईरान के हर एक टारगेट को तबाह कर सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना अब सैन्य रूप से हार चुकी है। साथ ही उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि अगर कोई भी ईरान की जमीन के नीचे दबे यूरेनियम साइट के पास गया, तो अमेरिका को इसकी खबर होगी और वे उस जगह को तुरंत उड़ा देंगे।

रूस और UN का इस विवाद पर क्या कहना है

इस तनावपूर्ण माहौल में रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने सुझाव दिया था कि ईरान के यूरेनियम को देश से बाहर निकालकर कहीं और सुरक्षित स्टोर किया जाए। दूसरी तरफ, UN के महासचिव Antonio Guterres ने अमेरिका और ईरान दोनों देशों से अपील की है कि वे संयम बरतें और युद्ध को रोकने के लिए शांति का रास्ता चुनें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Trump ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?

Trump ने कहा कि ईरान के प्रतिनिधियों का जवाब बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं था और उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं आया।

ईरान के शांति प्रस्ताव में मुख्य मांगें क्या थीं?

ईरान चाहता था कि लेबनान में युद्ध रुके और उसके तेल निर्यात पर लगी पाबंदियां पूरी तरह हटाई जाएं।