अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली अपनी महत्वपूर्ण बैठक को फिलहाल एक महीने के लिए टालने का फैसला किया है। यह समिट पहले 31 मार्च से 2 अप्रैल 2026 के बीच बीजिंग में होने वाली थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष के कारण उनका इस समय अमेरिका में रहना जरूरी है। व्हाइट हाउस ने इस देरी के लिए सुरक्षा और युद्ध की स्थिति को मुख्य कारण बताया है।

बैठक टालने का मुख्य कारण क्या है?

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस समय अमेरिका ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में व्यस्त है जो 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ शुरू हुआ था। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब देश युद्ध लड़ रहा हो तो वह विदेश यात्रा पर नहीं जाना चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि चीन को हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने में मदद करनी चाहिए क्योंकि चीन अपनी जरूरत का काफी तेल इसी रास्ते से मंगाता है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि इस समय प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता युद्ध में सफलता पाना है।

ईरान युद्ध से जुड़ी अब तक की बड़ी जानकारी

जानकारी का प्रकार विवरण
अमेरिकी हताहत 17 दिनों में 13 सैनिक मारे गए और 200 घायल हुए
हॉर्मुज जलडमरूमध्य ईरान ने अमेरिकी और इजरायली जहाजों के लिए रास्ता बंद किया
तेल की स्थिति दुनिया का 20 प्रतिशत तेल परिवहन इसी रास्ते से होता है
ब्रिटेन का स्टैंड पीएम कीर स्टार्मर ने युद्ध में सीधे शामिल होने से मना किया
नए हमले बगदाद के होटल और अबू धाबी के तेल क्षेत्र में ड्रोन हमले हुए

क्या है बैठक का नया संभावित समय?

इस देरी के बाद अब यह मुलाकात अप्रैल के अंत या मई 2026 की शुरुआत में हो सकती है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने साफ किया कि यह बदलाव केवल लॉजिस्टिक्स और राष्ट्रपति के कमांडर-इन-चीफ होने की जिम्मेदारी के कारण किया गया है। हालांकि समिट टल गई है लेकिन अमेरिका और चीन के अधिकारियों ने पेरिस में व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा जारी रखी है जिसे सकारात्मक बताया गया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में काफी अस्थिरता देखी जा रही है जिसका असर आम जनता पर पड़ रहा है।