अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। इस दौरान उन्होंने ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ाने और अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन को मजबूत करने की रणनीति साझा की। ट्रंप ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर नाटो देशों और एशियाई सहयोगियों से अपील की है कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने में मदद करें। इस युद्ध का असर अब पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा और तेल सप्लाई पर दिखने लगा है।

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ईरान में हुए नुकसान और हमलों की वर्तमान स्थिति क्या है?

व्हाइट हाउस से जारी जानकारी के अनुसार अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान में 7,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता और ड्रोन हमलों में 90 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है। हालांकि, इस संघर्ष की मानवीय कीमत भी काफी बड़ी है।

  • ईरान में अब तक कम से कम 1,450 लोगों के मारे जाने की खबर है।
  • लगभग 43,000 नागरिक इकाइयों और 36,500 घरों को नुकसान पहुंचा है।
  • लेबनान में करीब 6,67,000 लोग विस्थापित होकर सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं।
  • ईरान के 56 सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को भी भारी नुकसान हुआ है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और वैश्विक तेल संकट पर क्या प्रभाव पड़ा?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है। ट्रंप ने ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान और चीन जैसे देशों से मांग की है कि वे अपने युद्धपोत इस इलाके में भेजें। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने बाजार को स्थिर करने के लिए अपने रणनीतिक भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल जारी किया है। इसी बीच यूएई के फुजैराह में एक तेल सुविधा केंद्र पर ड्रोन हमले के बाद आग लगने की घटना सामने आई है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। कतर ने भी आज ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों की दूसरी लहर को रोकने की पुष्टि की है।

प्रमुख नेताओं और देशों की प्रतिक्रिया

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज केवल अमेरिका और उसके करीबियों के लिए बंद है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी ऊर्जा बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया तो वे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचाएंगे। वहीं, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे यूरोपीय देशों ने इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल होने से फिलहाल इनकार किया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने स्पष्ट किया है कि वे किसी व्यापक युद्ध का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.