अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने NATO देशों और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni पर बड़ा हमला बोला है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने में ये साथी उनका साथ नहीं दे रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका दशकों से उनकी सुरक्षा कर रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सहयोगी देश साथ खड़े नहीं होते।

📰: अमेरिका और ईरान की स्विट्जरलैंड में बैठक बिना नतीजे के खत्म, तनाव के बीच बातचीत जारी रखने पर बनी सहमति

ट्रंप ने अपनी नाराजगी Truth Social पर जाहिर की। उन्होंने खास तौर पर इटली की पीएम Meloni की आलोचना की और कहा कि उन्होंने परमाणु हथियारों को रोकने के अमेरिकी अनुरोध को मानने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने यह भी बताया कि इटली ने उन्हें अपने लैंडिंग स्ट्रिप्स और रनवे इस्तेमाल नहीं करने दिए, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई। ट्रंप ने कहा कि NATO और इटली पर खरबों डॉलर खर्च करने के बाद भी वे ईरान के गंभीर परमाणु खतरे के खिलाफ साथ नहीं आए।

दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने ट्रंप के इन बयानों को बकवास और बिना किसी उकसावे के किया गया हमला बताया। उन्होंने साफ किया कि वे इटली के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेंगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इटली में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों से जुड़े समझौतों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है और उनके रहते इनका उल्लंघन नहीं होगा।

यह पूरा विवाद फ्रांस में हुई G7 Summit के बाद और ज्यादा बढ़ गया। इसी दौरान स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय बातचीत भी चल रही थी। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ कर दिया कि ईरान यूरेनियम समृद्ध करने के अपने अधिकार से कभी पीछे नहीं हटेगा।

वहीं NATO के महासचिव Mark Rutte ने एक अलग रुख अपनाया। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष खत्म करने के लिए हुए हालिया समझौते की तारीफ की और इसे एक बड़ा कदम बताया। IAEA के डायरेक्टर जनरल Rafael Mariano Grossi ने भी इस समझौते का स्वागत किया और कहा कि अब ईरान के परमाणु कार्यक्रम की जांच का तकनीकी काम शुरू हो सकता है।

हाल ही में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने एक साझा बयान जारी किया था। इसमें कहा गया था कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर सही कदम उठाता है, तो वे उस पर लगे प्रतिबंध हटाने को तैयार हैं। इसी बीच 20 जून को ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की खबरें आईं, हालांकि अमेरिका ने इस बात का खंडन किया और कहा कि जहाजों की आवाजाही जारी है।