अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) पर कड़ी नज़र रख रहा है और किसी समय इसे हासिल कर लेगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और परमाणु समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के यूरेनियम को लेकर क्या कहा?
Donald Trump ने एक कार्यक्रम में साफ किया कि अमेरिका ईरान के पास मौजूद हाई-एनरिच्ड यूरेनियम को हासिल करेगा। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सकती है। ट्रंप के अनुसार अमेरिकी सेना को ईरान में एक विशेष मिशन चलाना होगा ताकि बमबारी के बाद मलबे में दबे परमाणु संपत्तियों और यूरेनियम को सुरक्षित निकाला जा सके।
रूस और ईरान का इस मामले में क्या स्टैंड है?
10 मई 2026 को रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने प्रस्ताव दिया कि रूस ईरान के यूरेनियम को ले जाने और उसे स्टोर करने के लिए तैयार है। पुतिन ने 2015 में किए गए एक पुराने ऑपरेशन का हवाला दिया। दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूरेनियम उनके लिए अपनी मिट्टी की तरह पवित्र है और इसे किसी भी कीमत पर कहीं नहीं भेजा जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की क्या स्थिति है?
अमेरिका चाहता है कि ईरान कम से कम 12 साल तक यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) पर पूरी तरह रोक लगाए। हालांकि ईरान ने बहुत कम समय के लिए इसे रोकने का प्रस्ताव दिया है। मार्केट संकेत बताते हैं कि 31 मई तक किसी परमाणु समझौते की संभावना अब गिरकर केवल 18 प्रतिशत रह गई है। IAEA जैसी संस्थाएं लगातार ईरान की गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ट्रंप ने यूरेनियम हासिल करने के लिए क्या तरीका बताया?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना को ईरान में मिशन चलाना होगा ताकि हवाई हमलों के बाद मलबे में दबे परमाणु सामान और यूरेनियम को बाहर निकाला जा सके।
रूस ने इस विवाद में क्या मदद की पेशकश की है?
राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम को रूस ले जाने और वहां उसे सुरक्षित स्टोर करने का प्रस्ताव दिया है।
