डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व में हुए बड़े बदलावों पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि ईरान के वे नेता जो लंबे समय से शासन कर रहे थे, अब जा चुके हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में शांति बातचीत चल रही है। इस पूरे मामले ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

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ईरान के नेतृत्व में क्या बड़े बदलाव हुए?

ईरान में पिछले कुछ महीनों में नेतृत्व को लेकर बहुत बड़ी उथल-पुथल रही है। 28 फरवरी 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या हो गई थी। इसके बाद 9 मार्च 2026 को उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता बनाया गया। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में इसी बात का जिक्र किया है कि पुराने शासक अब जा चुके हैं।

शांति वार्ता और अमेरिका के दावे क्या हैं?

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान के प्रतिनिधि मोहम्मद बगर गालीबाफ इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठकर बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान अमेरिका की तरफ से कुछ बड़े दावे किए गए हैं:

  • पेंटागन के अधिकारी रिले पोडलेस्की ने कहा कि अमेरिका ने युद्ध के मैदान में बड़ी जीत हासिल की है।
  • दावा किया गया कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना और मिसाइल प्रोग्राम को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
  • युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अमेरिका ने अपनी कुल सैन्य ताकत के 10% से भी कम हिस्से का उपयोग करके ईरान की सेना को कमजोर किया।

पड़ोसी देशों पर क्या असर पड़ रहा है?

ईरान और अमेरिका के इस तनाव का असर खाड़ी देशों पर भी दिख रहा है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों के भीतर उनके हवाई क्षेत्र में 7 ईरानी ड्रोन देखे गए, जिन्हें समय रहते नष्ट कर दिया गया। वहीं, ईरान ने अमेरिका को एक 10 पॉइंट वाला शांति प्रस्ताव भेजा है, जिस पर अब इस्लामाबाद में चर्चा हो रही है।