अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का कहना है कि उनकी सरकार अब ईरान को परमाणु हथियारों से पूरी तरह मुक्त करने के बहुत करीब पहुंच गई है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अमेरिका का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु बम न बना सके। इस बीच ईरान के परमाणु ठिकाने के पास हुए हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है और तनाव का माहौल बना हुआ है।

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ट्रंप की योजना और ईरान को लेकर ताजा बयान

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने हालिया संबोधन में बताया कि ईरान में चल रहा सैन्य अभियान अपने लक्ष्य के करीब है। उनके बयानों और हालिया अपडेट्स से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ट्रंप का कहना है कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान से अपनी सेना हटा लेगा लेकिन उससे पहले वहां के परमाणु खतरे को खत्म कर दिया जाएगा।
  • 1 अप्रैल 2026 को दिए गए भाषण में ट्रंप ने कहा कि सैन्य मिशन के रणनीतिक उद्देश्य लगभग पूरे होने वाले हैं।
  • व्हाइट हाउस का मानना है कि ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने पर सहमति जताई है, हालांकि ईरानी अधिकारी अभी इस बात से इनकार कर रहे हैं।
  • पाकिस्तान की मदद से एक 15 सूत्रीय शांति योजना पर भी चर्चा हो रही है जिसमें ईरान के परमाणु केंद्रों को खत्म करने की बात शामिल है।
  • सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों की ट्रंप ने इस पूरे मामले में सहयोग के लिए तारीफ की है।

पिछले 24 घंटों में हुए बड़े घटनाक्रम

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस विवाद में पिछले 24 घंटों के भीतर कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुई हैं, जो इस प्रकार हैं:

तारीख घटना का विवरण
4 अप्रैल 2026 ईरान के बुशहर परमाणु प्लांट के पास मिसाइल हमला हुआ जिसमें एक गार्ड की मौत हो गई।
4 अप्रैल 2026 इराक ने ईरान से लगी अपनी शलमचेह बॉर्डर को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया है।
4 अप्रैल 2026 ईरान में गिरे एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान के पायलट को बचाने की कोशिशें जारी हैं।
3 अप्रैल 2026 ईरान ने अमेरिका की तरफ से दिए गए 48 घंटे के युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
4 अप्रैल 2026 इजरायल ने बेरूत में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमला किया और एक बड़ा पुल नष्ट कर दिया।

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने बताया है कि बुशहर प्लांट के मुख्य हिस्से को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और वहां से रेडिएशन फैलने का कोई खतरा नहीं है। हालांकि संस्था के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने चिंता जताई है कि अब उन्हें ईरान के परमाणु कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील है क्योंकि इस युद्ध का सीधा असर तेल की कीमतों और उड़ानों पर पड़ सकता है।