अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के यूरेनियम को लेकर एक अहम बयान दिया है. उन्होंने साफ किया है कि अमेरिका फिलहाल ईरान के यूरेनियम पर कब्ज़ा करने के किसी ऑपरेशन पर फोकस नहीं कर रहा है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर ऐसा कदम उठाया जा सकता है. यह जानकारी 13 मार्च 2026 को Saudi News 50 की एक रिपोर्ट में सामने आई है.

क्या है अमेरिका का मौजूदा प्लान?

Trump का यह बयान मौजूदा मिलिट्री अभियान से जुड़ा है जिसे Operation Epic Fury कहा जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना का अभी पूरा ध्यान ईरान की मिसाइल और नेवल ताकत को कमजोर करने पर है. अमेरिका फिलहाल अंडरग्राउंड न्यूक्लियर साइट्स से यूरेनियम निकालने या उन पर कब्ज़ा करने के लिए कोई तुरंत ग्राउंड ऑपरेशन नहीं कर रहा है. लेकिन अमेरिका ने भविष्य में इस तरह के मिलिट्री एक्शन के विकल्प को पूरी तरह से खुला रखा है.

यूरेनियम के भंडार को लेकर चिंताएं

ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर कई देशों में चिंता बनी हुई है. IAEA के डेटा के अनुसार ईरान के पास अभी 9,874.9 किलो यूरेनियम का कुल भंडार मौजूद है.

  • इसमें से 440.9 किलो यूरेनियम 60 प्रतिशत तक इनरिच किया गया है.
  • इजरायल के पूर्व राजदूत Michael Oren ने बताया है कि इतने मटीरियल को कुछ ही दिनों में मिसाइल में इस्तेमाल होने लायक बनाया जा सकता है.
  • स्थिति को देखते हुए अमेरिका की CENTCOM लगातार साइट कंट्रोल के ऑपरेशन प्लान पर काम कर रही है.

ईरान और मिलिट्री एक्सपर्ट्स की राय

मिलिट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान के न्यूक्लियर मटीरियल पर कब्ज़ा करने के लिए अमेरिका को बहुत बड़ी संख्या में ग्राउंड फोर्स की जरूरत होगी. अभी अमेरिका का फोकस सिर्फ एयरस्ट्राइक और स्पेशल फोर्स पर ही है. दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि तेहरान किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार तैयार नहीं करेगा. अमेरिका का मुख्य उद्देश्य यही है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाए.

Sushma Kumari

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