अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ईरान पर हमला करने के बहुत करीब थे, लेकिन आखिरी मौके पर उन्होंने अपना फैसला बदल लिया। Gulf देशों की अपील के बाद Trump ने सैन्य कार्रवाई को रोक दिया है ताकि शांति वार्ता को एक मौका मिल सके। अब उन्होंने कुछ दिनों तक इंतज़ार करने की बात कही है ताकि युद्ध को टाला जा सके।
Trump ने ईरान पर हमला क्यों रोका?
Donald Trump ने बताया कि वह सोमवार शाम को ईरान पर नए हमले का आदेश देने से सिर्फ एक घंटा दूर थे। लेकिन सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन जैसे Gulf सहयोगियों ने उनसे अपील की कि वे थोड़ा समय दें। इन देशों ने जानकारी दी कि शांति समझौते के लिए गंभीर बातचीत चल रही है। सऊदी विदेश मंत्री ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि Trump ने कूटनीति को मौका दिया है।
क्या अब युद्ध पूरी तरह रुक जाएगा?
- इंतज़ार की अवधि: Trump ने कहा कि वह दो या तीन दिन या एक सीमित समय के लिए इंतज़ार कर सकते हैं, लेकिन वह किसी समय सीमा के दबाव में नहीं हैं।
- हमले की चेतावनी: उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को एक और बड़ा झटका दिया जा सकता है।
- ईरान का रुख: ईरान के IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर हमला फिर से शुरू हुआ, तो इसके नतीजे बहुत बुरे होंगे और युद्ध पूरे क्षेत्र में फैल सकता है।
- मध्यस्थता: पाकिस्तान और कतर जैसे देश बीच-बचाव कर रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि उन्हें अमेरिका से एक नया प्रस्ताव मिला है।
इजराइल और अन्य देशों की भूमिका
Trump का दावा है कि इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu उनके निर्देशों का पालन करेंगे। हालांकि, खबरों के मुताबिक Netanyahu इस डिप्लोमेटिक तरीके से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। फिलहाल कतर, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश एक पत्र पर काम कर रहे हैं जिससे आधिकारिक तौर पर युद्ध खत्म हो और 30 दिनों की बातचीत शुरू हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Trump ने हमलों को रोकने के लिए कितना समय मांगा है?
Trump ने कहा है कि वह दो या तीन दिन या कुछ सीमित समय तक इंतज़ार कर सकते हैं ताकि राजनयिक समाधान निकल सके।
ईरान और अमेरिका के बीच शांति के लिए कौन से देश कोशिश कर रहे हैं?
कतर और पाकिस्तान मुख्य रूप से मध्यस्थता कर रहे हैं, जिसमें सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र का भी सहयोग मिल रहा है।
