अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने Strait of Hormuz में समुद्री गतिविधियों पर कोई भी फीस लगाने को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने इस बात को बिल्कुल भी मंजूर नहीं करने की बात कही है। यह बयान उन्होंने NATO के सेक्रेटरी जनरल Mark Rutte के साथ एक मीटिंग के दौरान मीडिया से बात करते हुए दिया।

Trump ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर साफ लिखा कि ईरान ने अमेरिका को भरोसा दिया है कि जहाजों से कोई टोल, इंश्योरेंस या किसी भी तरह का चार्ज नहीं लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बात में कोई भी झूठ निकला, तो ईरान के साथ चल रही बातचीत तुरंत खत्म कर दी जाएगी।

दूसरी तरफ, ईरान और ओमान इस जलमार्ग पर अपना कंट्रोल रखना चाहते हैं और इसे सर्विस फीस का नाम देकर पैसे वसूलना चाहते हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून कहता है कि कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय रास्तों में जहाजों को रोकने या उनसे पैसे लेने का अधिकार नहीं रखता है।

अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हुआ है जिसके तहत 60 दिनों तक बातचीत चलेगी और इस दौरान Strait of Hormuz को बिना किसी टोल के खुला रखा जाएगा। इस समय के बाद ईरान और ओमान इस रास्ते के मैनेजमेंट के बारे में फैसला लेंगे। ओमान ने भी वादा किया है कि वह इस रास्ते को बिना टोल के खुला रखेगा और इसके लिए उसने कुछ अस्थायी रास्ते भी बनाए हैं।

ईरान के साथ जारी जंग पर बात करते हुए Trump ने कहा कि अमेरिका बहुत अच्छा कर रहा है और ईरान अब बड़े समझौते करने को तैयार है। उन्होंने यह दावा भी किया कि अमेरिकी हमलों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान पहुँचाया है। यह पूरी बातचीत NATO के चीफ Mark Rutte के साथ हुई, जहाँ Trump ने NATO देशों पर आरोप लगाया कि वे ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का साथ नहीं दे रहे हैं।

पैसे के मामले में Trump ने शर्त रखी है कि ईरान के जो फंड्स फ्रीज किए गए हैं, उनका इस्तेमाल केवल अमेरिका से दवाइयां और खाने का सामान खरीदने के लिए होगा, लेकिन ईरान ने इस शर्त को ठुकरा दिया है। फिलहाल इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की संख्या दोगुनी हो गई है और International Maritime Organization (IMO) ने फंसे हुए जहाजों और नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्लान बनाया है।