डोनाल्ड ट्रम्प ने यूरोप के देशों को एक बड़ा अल्टीमेटम देते हुए यूक्रेन की सैन्य मदद रोकने की धमकी दी है। ट्रम्प का कहना है कि अगर यूरोपीय देश Strait of Hormuz को फिर से खुलवाने के लिए अमेरिकी गठबंधन में शामिल नहीं होते हैं, तो यूक्रेन को दी जाने वाली हथियारों की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह खबर 1 अप्रैल 2026 को सामने आई है जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हड़कंप मच गया है।

ट्रम्प ने यूरोपीय देशों को चेतावनी क्यों दी है?

ट्रम्प ने नाटो (NATO) के सहयोगियों पर निशाना साधते हुए उन्हें डरपोक कहा है क्योंकि वे शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य के ऑपरेशन में शामिल होने से कतरा रहे थे। ट्रम्प का मानना है कि ग्लोबल ट्रेड के रास्तों को सुरक्षित रखने के लिए यूरोप को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अगर यूरोप इस मिशन में साथ नहीं आता है, तो वे यूक्रेन को सैन्य उपकरण देने की योजना को रोक देंगे। ट्रम्प ने ईरान के साथ किसी भी बातचीत के लिए भी Strait of Hormuz को खोलने की शर्त रखी है।

यूरोपीय देशों और नाटो का इस पर क्या कदम होगा?

शुरुआत में ट्रम्प की मांग को ठुकराने के बाद अब यूरोपीय देशों के सुर बदलते दिख रहे हैं। इस संकट को सुलझाने के लिए कुछ बड़े कदम उठाए जा रहे हैं:

  • फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने एक साझा बयान जारी कर सुरक्षित समुद्री रास्ते के लिए मदद करने की बात कही है।
  • ब्रिटेन 1 अप्रैल 2026 को 35 देशों की एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहा है ताकि होर्मुज को खुलवाने के लिए गठबंधन बनाया जा सके।
  • नाटो के महासचिव मार्क रट ने भी यूरोपीय देशों से इस मामले में तेजी दिखाने की अपील की है।
  • अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि अमेरिका नाटो के साथ अपने रिश्तों पर फिर से विचार कर सकता है।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या स्थिति बनी हुई है?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ट्रम्प के बयानों को दिखावा बताते हुए Strait of Hormuz को खोलने से साफ मना कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने किसी भी तरह के युद्धविराम की खबर को गलत बताया है। दूसरी तरफ, अमेरिका के राजदूत मैथ्यू व्हिटेकर का कहना है कि उनका देश अपनी सभी पुरानी प्रतिबद्धताओं की समीक्षा कर रहा है। ट्रम्प के इस रुख से यूक्रेन की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रास्तों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ब्रिटेन में होने वाली 35 देशों की बैठक के बाद ही आगे का रास्ता साफ होगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com