अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए नई चेतावनी जारी की है. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि अमेरिकी सेना अब ईरान के पुलों और बिजली घरों को अपना अगला निशाना बनाएगी. यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव काफी तेज हो गया है और खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं.

ट्रंप की चेतावनी और ईरान के हालातों पर मुख्य जानकारी

Donald Trump ने अपने पोस्ट में साफ कहा कि अमेरिकी सेना ने अभी ईरान में जो बचा है उसे पूरी तरह तबाह करना शुरू नहीं किया है. उन्होंने कहा कि ईरान के नए नेतृत्व को पता है कि क्या करना है और यह काम बहुत तेजी से होना चाहिए. हालिया घटनाक्रमों की जानकारी नीचे दी गई है:

  • तेहरान और करज को जोड़ने वाले B1 पुल पर हुए हमले में 10 लोगों की मौत और 95 लोग घायल हुए हैं.
  • ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि नागरिक सुविधाओं पर हमला अमेरिका की हार और कमजोरी को दिखाता है.
  • ईरान की सेना का दावा है कि उनके मुख्य ठिकाने सुरक्षित हैं और इन हमलों से उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है.
  • ट्रंप ने पहले ही धमकी दी थी कि अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ तो उनके तेल ठिकानों और बिजली घरों पर हमला किया जाएगा.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या हो रहा है और इसका असर?

Strait of Hormuz के संकट को लेकर ब्रिटेन ने 40 देशों के साथ एक जरूरी मीटिंग की है. इस मीटिंग में मांग की गई है कि समुद्री रास्ते को तुरंत और बिना किसी शर्त के खोला जाए ताकि व्यापार और जहाजों की आवाजाही प्रभावित न हो. खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वह इस रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए ताकत के इस्तेमाल की अनुमति दे. फिलहाल सुरक्षा परिषद ने इस मुद्दे पर होने वाली वोटिंग को टाल दिया है. खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह तनाव चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि इससे तेल की कीमतों और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है.