अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से बढ़ गया है. ट्रंप ने साफ तौर पर कहा है कि अगर मंगलवार तक होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz नहीं खुला, तो ईरान के बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा. उन्होंने ईरान के तेल संसाधनों पर कब्जा करने की बात भी दोहराई है जिससे क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों की चिंता बढ़ सकती है.

ℹ️: ट्रंप ने ईरान को दी अंतिम चेतावनी, मंगलवार रात 8 बजे तक का समय, बोले अब और मोहलत नहीं मिलेगी.

ट्रंप ने अपनी धमकियों में क्या कहा है?

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट किया कि मंगलवार को ईरान के लिए ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ होगा. उन्होंने फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि अगर समझौता जल्दी नहीं हुआ तो वह ईरान के तेल संसाधनों पर कब्ज़ा करने और बुनियादी ढांचे को उड़ाने पर विचार कर रहे हैं. ट्रंप का कहना है कि सैन्य कार्रवाई से ईरान के लोगों को मदद मिलेगी क्योंकि वे आज़ाद होना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पास न कोई पुल बचेगा और न ही कोई बिजली घर, उनके पास कुछ भी नहीं रहेगा.

ईरान की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय नियम क्या कहते हैं?

ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने इन धमकियों की कड़ी निंदा की है और इसे युद्ध अपराध करने की मंशा बताया है. ईरान के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनके इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ तो वे क्षेत्र के तेल और नागरिक ठिकानों पर और भी बड़े हमले करेंगे. अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकारों का कहना है कि नागरिक ठिकानों जैसे बिजली घरों पर हमला करना जिनेवा कन्वेंशन के तहत अपराध माना जा सकता है क्योंकि इससे आम जनता को भारी नुकसान होता है.

मौजूदा स्थिति और शांति की कोशिशें

इस बीच ओमान और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत जारी है ताकि समुद्र के रास्ते व्यापार न रुके. मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देश भी 45 दिनों के युद्धविराम के लिए कोशिश कर रहे हैं. हालांकि ईरान ने फिलहाल इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और कहा है कि उन्हें भविष्य में हमलों से सुरक्षा की गारंटी चाहिए. वर्तमान स्थिति को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:

देश/संस्था वर्तमान स्थिति और कदम
डोनाल्ड ट्रंप तेल पर कब्ज़ा करने और बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की धमकी दी.
ईरान हमले की स्थिति में बहुत खतरनाक जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी.
ओमान समुद्री रास्ता खुला रखने के लिए बातचीत का रास्ता अपना रहा है.
इजरायल ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया.
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.