अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के बेहद सुरक्षित परमाणु ठिकाने Pickaxe Mountain को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। यह धमकी उन्होंने 13 जुलाई 2026 को एक रेडियो इंटरव्यू के दौरान दी। इस बयान के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष चल रहा है।
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पिकैक्स माउंटेन की हकीकत
Pickaxe Mountain, जिसे Kuh-e Kolang Gaz La भी कहा जाता है, ईरान के Natanz परमाणु केंद्र के पास स्थित है। यह इलाका जमीन से करीब 600 मीटर नीचे ग्रेनाइट चट्टानों के अंदर बना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी गहराई के कारण इसे किसी भी बम से पूरी तरह नष्ट करना बहुत मुश्किल है। IAEA ने कभी इस जगह का निरीक्षण नहीं किया है और ईरान का कहना है कि यह केवल सेंट्रीफ्यूज असेंबली प्लांट है, जबकि पश्चिमी देशों को शक है कि यहाँ यूरेनियम संवर्धन का काम हो रहा है।
क्षेत्रीय तनाव और सैन्य कार्रवाई
अमेरिका ने हाल ही में ईरान के तटीय ठिकानों और मिसाइल साइटों पर लगातार तीन रातें हवाई हमले किए हैं। साथ ही, 14 जुलाई 2026 से एक नौसैनिक नाकेबंदी भी लागू की गई है ताकि समुद्री रास्तों पर आवाजाही रोकी जा सके। जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन टैंकरों को निशाना बनाया है।
ईरान की संसद के सलाहकार Mehdi Mohammadi ने ट्रंप की धमकी को खारिज करते हुए कहा कि यह दुनिया का सबसे सुरक्षित परमाणु ठिकाना है और अमेरिका के पास इसे नष्ट करने की क्षमता नहीं है। इस बीच, Open Nuclear Network के विश्लेषक Benjamin Ashraf का कहना है कि ट्रंप के दावों और हकीकत में बड़ा अंतर है, क्योंकि पारंपरिक हथियारों से इस गहराई तक पहुंचना बहुत चुनौतीपूर्ण है।
