अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ईरान को सोमवार, 6 अप्रैल तक का समय दिया है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का समुद्री रास्ता फिर से खोल दे। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो मंगलवार को ईरान के पावर प्लांट और बड़े पुलों को निशाना बनाया जाएगा। खाड़ी क्षेत्र में जारी इस तनाव से पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई और सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।

ट्रंप की धमकी में ईरान के लिए क्या कहा गया है?

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साफ लहजे में कहा कि आने वाला मंगलवार ईरान में बिजली घरों और पुलों के लिए भारी रहने वाला है। उन्होंने इसे पावर प्लांट डे और ब्रिज डे का नाम दिया है। ट्रंप ने ईरान को आगाह किया कि वे समुद्री रास्ते को तुरंत खोल दें वरना उन्हें बहुत बुरे हालात का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में यह भी बताया कि अगर समझौता जल्दी नहीं हुआ, तो वह ईरान के तेल क्षेत्रों पर कब्जा करने और वहां सब कुछ तबाह करने पर विचार कर सकते हैं।

वर्तमान स्थिति और खाड़ी देशों पर इसका असर

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा यह विवाद 28 फरवरी 2026 से जारी है। ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है, जिससे ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं। इसका असर खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय प्रवासियों और स्थानीय लोगों पर भी पड़ रहा है।

विषय मुख्य जानकारी
डेडलाइन की तारीख सोमवार, 6 अप्रैल 2026
हमले की योजना मंगलवार, 7 अप्रैल 2026
मुख्य लक्ष्य पावर प्लांट और बुनियादी पुल
मध्यस्थ देश पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र

ईरान की प्रतिक्रिया और सुरक्षा हालात

ईरान के सैन्य कमांड ने ट्रंप की इस धमकी को घबराहट में लिया गया एक बेवकूफी भरा फैसला बताया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उनके देश के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो वे और भी बड़े और विनाशकारी हमले करेंगे। इस बीच, ओमान और ईरान के बीच समुद्री रास्ते को खोलने के लिए बातचीत भी चल रही है। वहीं अमेरिका और इसराइल की सेनाएं पहले ही ईरान के परमाणु संयंत्रों के पास हमले कर चुकी हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.