डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के तेल कुओं, बिजली केंद्रों और खार्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर देगा। 30 मार्च 2026 को दिए गए इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। ट्रंप ने साफ किया है कि समझौते में देरी होने पर अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है और ईरान में अपना ठहराव खत्म कर सकता है।

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ट्रंप की चेतावनी और मौजूदा हालात क्या हैं?

ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान में शासन बदल चुका है और नए प्रशासन के साथ गंभीर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका की कई मांगों को मान लिया है और सद्भावना के तौर पर पाकिस्तान के झंडे वाले 20 तेल टैंकरों को जाने की इजाजत दी है। हालांकि, ट्रंप का कहना है कि अगर पूरा रास्ता साफ नहीं होता है, तो वह ईरान के मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल यानी खार्ग द्वीप को नक्शे से मिटा देंगे। इस स्थिति पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ भी लगातार तालमेल बिठाया जा रहा है।

ईरान का इस पूरे मामले पर क्या कहना है?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत की खबरों को गलत बताया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें मध्यस्थों के जरिए संदेश मिले हैं, लेकिन अमेरिका की शर्तें बहुत ज्यादा और बिना किसी तर्क वाली हैं। ईरान की सेना (IRGC) ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि अगर उनके बिजली घरों या तेल केंद्रों पर हमला हुआ, तो वे इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद कर देंगे। उन्होंने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को भी निशाना बनाने की धमकी दी है।

विवाद से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां

विवरण महत्वपूर्ण जानकारी
प्रभावित क्षेत्र होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और खार्ग द्वीप
शिपिंग की स्थिति 28 फरवरी से समुद्री रास्ता लगभग पूरी तरह बंद है
मध्यस्थ देश पाकिस्तान (Pakistan) समझौते के लिए बड़ी भूमिका निभा रहा है
आर्थिक प्रभाव दुनिया भर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं
शेयर बाजार जापान के निक्केई इंडेक्स में 4.7% की गिरावट दर्ज की गई
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