अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के ताज़ा शांति प्रस्ताव पर कल यानी रविवार, 24 मई 2026 को अपना अंतिम फैसला ले सकते हैं। ट्रम्प ने मीडिया संस्थान Axios को बताया है कि वे ईरान के इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए अपने सलाहकारों और बातचीत करने वाले दल के साथ बैठक कर रहे हैं। इस समय समझौता होने या फिर से युद्ध शुरू होने की संभावना बराबर यानी 50-50 बनी हुई है। खाड़ी देशों की मध्यस्थता और बढ़ते तनाव के बीच इस फैसले पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

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ईरान के प्रस्ताव में क्या है खास और अमेरिका की क्या हैं शर्तें?

अमेरिकी पत्रकार एलेक्स मार्क्वार्ड के अनुसार, अमेरिका ने ईरान को युद्ध खत्म करने के लिए एक बहु-चरणीय प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में ईरान के लिए कई बड़ी वित्तीय राहतें शामिल हैं। इसमें नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक फंड देना, तेल की बिक्री पर छूट देना, रोके गए पैसों को धीरे-धीरे जारी करना और प्रतिबंधों में ढील देना शामिल है। हालांकि, बातचीत की प्रक्रिया को बेहद थका देने वाला बताया जा रहा है क्योंकि दोनों पक्षों के बीच लगातार प्रस्तावों का आदान-प्रदान हो रहा है लेकिन अब तक कोई ठोस अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। ईरान ने अमेरिका पर बहुत ज्यादा मांगें थोपने का आरोप भी लगाया है।

खाड़ी देश और अन्य मध्यस्थ कर रहे हैं शांति की कोशिश

इस पूरे मामले में खाड़ी देशों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा कूटनीति को मौका देने की सराहना की है और ईरान से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। इसके अलावा, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और कतर का एक प्रतिनिधिमंडल भी मध्यस्थता को मजबूत करने के लिए तेहरान पहुंचा है। इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को इन वार्ताओं से अलग रखा गया है और इजरायल इस पूरी प्रक्रिया से बाहर नजर आ रहा है। ट्रम्प ने पहले खाड़ी देशों के अनुरोध पर अपनी सैन्य कार्रवाई को टाल दिया था और बातचीत के लिए वाशिंगटन में ही रुकने का फैसला किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के प्रस्ताव पर अपना फैसला कब सुनाएंगे?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि वे रविवार, 24 मई 2026 को इस प्रस्ताव पर अपना अंतिम फैसला लेंगे।

अमेरिकी प्रस्ताव में ईरान को क्या वित्तीय राहत मिलने की बात कही गई है?

प्रस्ताव के तहत ईरान को आर्थिक मदद, तेल बिक्री में छूट, फ्रीज किए गए फंड को धीरे-धीरे जारी करने और प्रतिबंधों में राहत देने की बात कही गई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.