अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि US Navy समुद्री लुटेरों की तरह काम कर रही है। यह बात उन्होंने फ्लोरिडा में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान कही, जहाँ उन्होंने ईरान के जहाजों और तेल को जब्त करने को एक मुनाफे वाला बिजनेस बताया।
Trump ने US Navy के बारे में क्या कहा?
Donald Trump ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जहाजों, उनके सामान और तेल पर कब्जा किया है। Trump के मुताबिक यह एक बहुत ही फायदेमंद व्यापार है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हम एक तरह से लुटेरों की तरह हैं, लेकिन हम कोई खेल नहीं खेल रहे हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया और शांति की कोशिश
ईरान ने Trump के इस बयान की कड़ी निंदा की है। इसी बीच IRNA न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को शांति बातचीत के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य युद्ध को खत्म करना और स्थायी शांति स्थापित करना है। ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Kazem Gharibabadi ने कहा कि अब फैसला अमेरिका को करना है कि वह डिप्लोमेसी चुनता है या टकराव।
अमेरिकी सेना का क्या रुख है?
पेंटागन चीफ Pete Hegseth ने अप्रैल में कहा था कि ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक इसकी जरूरत है। वहीं, जनरल Dan Caine ने स्पष्ट किया कि यह नाकेबंदी उन सभी जहाजों पर लागू होती है जो ईरान के बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं या वहाँ से लौट रहे हैं, चाहे वे किसी भी देश के हों।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Donald Trump ने US Navy को लुटेरे क्यों कहा?
Trump ने यह बात ईरान के जहाजों, तेल और सामान को जब्त करने के संदर्भ में कही। उन्होंने इस कार्रवाई को एक मुनाफे वाले बिजनेस की तरह बताया।
ईरान और अमेरिका के बीच वर्तमान स्थिति क्या है?
दोनों देशों के बीच टकराव शुरू हुआ था 28 फरवरी 2026 को, जिसके बाद 8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम हुआ। फिलहाल अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है और ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से शांति प्रस्ताव भेजा है।