दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने तेल से जुड़े कुछ कड़े प्रतिबंधों (Sanctions) में अस्थायी तौर पर छूट देने का ऐलान किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण तेल के दाम 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे, जिसे कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा अमेरिकी नेवी जरूरत पड़ने पर खाड़ी से गुजरने वाले तेल के जहाजों को सुरक्षा भी देगी।

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भारत आने वाले तेल पर 30 दिन की छूट

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने रूस से भारत आने वाले कच्चे तेल पर 30 दिन की विशेष छूट दी है। यह नियम उन जहाजों पर लागू होगा जिनमें 5 मार्च 2026 तक तेल लोड किया जा चुका है और वे भारत के बंदरगाहों पर आ रहे हैं। यह छूट 4 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगी। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि समुद्र में फंसे तेल को रिफाइनरी तक पहुंचने देने से बाजार में सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों में भारी गिरावट आएगी।

ईरान के शैडो फ्लीट पर एक्शन और नेवी की तैयारी

एक तरफ अमेरिका ने दुनिया भर में तेल सप्लाई बढ़ाने के लिए छूट दी है, वहीं दूसरी तरफ ईरान के 12 जहाजों और 30 से अधिक संस्थाओं पर बैन बरकरार रखा है। यह संस्थाएं चोरी-छिपे तेल बेचकर सैन्य कार्यक्रमों के लिए पैसा जुटाती हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल गुजरता है और हालिया तनाव के कारण यहां जहाजों की आवाजाही 70 प्रतिशत तक गिर गई है। इस समस्या से निपटने के लिए अमेरिकी नेवी तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

तेल के दामों में भारी गिरावट की उम्मीद

ट्रंप के इस ऐलान के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम जो 120 डॉलर तक पहुंच गए थे, वे अब 90 से 100 डॉलर के बीच आ गए हैं। अमेरिका के ऊर्जा सचिव ने बताया कि बाजार में तेल की कोई कमी नहीं है, बस डर के कारण दाम बढ़ रहे थे। ट्रंप प्रशासन जहाजों को बीमा और वित्तीय गारंटी देने की भी योजना बना रहा है ताकि खाड़ी देशों से तेल की सप्लाई बिना किसी डर के जारी रहे। इसके साथ ही जी-7 देश भी इमरजेंसी रिज़र्व से तेल निकालने पर चर्चा कर रहे हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.