डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने उनकी हत्या करने की कोशिश की, तो वह ईरान पर अब तक की सबसे बड़ी बमबारी करवाएंगे। ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और ज़्यादा बढ़ गया है।
10 जुलाई 2026 को न्यूयॉर्क पोस्ट से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस मामले में “अभूतपूर्व निर्देश” दिए हैं। उनका कहना है कि वह लंबे समय से ईरान की “किल लिस्ट” में नंबर एक निशाने पर रहे हैं। इससे पहले 8 जुलाई को तुर्की में हुए NATO शिखर सम्मेलन में भी उन्होंने ऐसी ही बातें कही थीं।
इसी बीच ऐसी खबरें आईं कि इसराइल ने अमेरिका को ईरान की एक नई साजिश के बारे में जानकारी दी है। हालांकि, ट्रंप ने इस बात से इनकार किया और कहा कि इसराइल को कुछ नहीं मिला। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने भी अभी तक इस जानकारी की पुष्टि नहीं की है। कुछ अधिकारियों का मानना है कि इसराइल ने यह जानकारी केवल अमेरिका के साथ रिश्ते सुधारने और वॉशिंगटन की ईरान नीति को प्रभावित करने के लिए साझा की होगी।
ईरान और अमेरिका के बीच माहौल काफी खराब है और दोनों तरफ से हमले हुए हैं। ट्रंप ने साफ़ कह दिया है कि ईरान के साथ ceasefire यानी युद्धविराम अब खत्म हो गया है, हालांकि बातचीत जारी रहेगी। 9 जुलाई को अमेरिका ने नए हवाई हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट के उन देशों को निशाना बनाया जो अमेरिका के दोस्त हैं।
ट्रंप ने Strait of Hormuz में तीन कमर्शियल टैंकर्स पर हुए ईरान के हमलों को “आतंकवाद” बताया है। उन्होंने कहा कि 60 दिनों का ceasefire पूरी तरह फेल रहा है। वहीं, एक अमेरिकी अधिकारी ने 10 जुलाई को कन्फर्म किया कि पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर कोई हमला नहीं किया है।
