अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सीजफायर समझौते का उल्लंघन करने के बाद ईरान को इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। यह पूरा विवाद Strait of Hormuz में जहाजों पर हुए ड्रोन हमलों के बाद शुरू हुआ है।
जहाजों पर ड्रोन हमला और अमेरिका की कार्रवाई
मामला 25 जून 2026 का है, जब ईरान ने Strait of Hormuz से गुजर रहे जहाजों पर कम से कम चार ‘One Way Attack Drones’ दागे। खबरों के मुताबिक, एक ड्रोन ने एक बड़े और महंगे मालवाहक जहाज (Cargo Ship) के ऊपरी हिस्से को टक्कर मारी, जिससे जहाज को नुकसान हुआ। हालांकि, जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में कामयाब रहा। अमेरिकी सेना ने बाकी तीन ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।
Donald Trump ने बताया बेवकूफी भरा फैसला
इस हमले के बाद Donald Trump ने अपने Truth Social अकाउंट पर इसे एक “बेवकूफी भरा उल्लंघन” बताया। उन्होंने साफ कहा कि ईरान ने सीजफायर के नियमों को तोड़ा है और अब उसे इसका जवाब मिलेगा। बता दें कि 17 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (MOU) हुआ था, जिसका मकसद दुश्मनी खत्म करना और Strait of Hormuz को फिर से खोलना था। इस समझौते के तहत 60 दिनों तक शांति वार्ता होनी थी।
ईरान और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का रुख
दूसरी तरफ, ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) का कहना है कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों को उनके साथ तालमेल करना जरूरी है। उनके मुताबिक, बिना जानकारी के जहाज ले जाना गैरकानूनी और खतरनाक है। वहीं, अमेरिका के Secretary of State Marco Rubio ने पहले ही कह दिया था कि जहाजों को रोकना एक बड़ी समस्या होगी।
इस तनाव की वजह से इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने जहाजों को निकालने की अपनी कोशिशें फिलहाल रोक दी हैं, क्योंकि अब सुरक्षा की गारंटी फिर से देखनी होगी।
क्या जारी रहेगी बातचीत
इतने तनाव के बावजूद स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति और परमाणु समझौते को लेकर बातचीत अब भी चल रही है। पाकिस्तानी मध्यस्थों ने संकेत दिए हैं कि अगले हफ्ते दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत फिर से शुरू हो सकती है, जिसके लिए तकनीकी टीमें काम कर रही हैं।
