अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान की परमाणु सामग्री को ‘अफ्रेंडली’ यानी सख्त तरीके से हासिल करेगा। ट्रंप ने इस सामग्री को ‘न्यूक्लियर डस्ट’ कहा है और साफ किया है कि डिप्लोमेसी फेल होने पर कार्रवाई और आक्रामक होगी। यह पूरा मामला पश्चिम एशिया में शांति बहाली और परमाणु हथियारों को रोकने से जुड़ा है।

📰: ईरान युद्ध से चीन की फैक्ट्रियां परेशान, तेल और कच्चे माल के दाम बढ़े, कारोबार पर पड़ा बुरा असर

ट्रंप ने समझौते के बारे में क्या दावे किए?

Donald Trump ने दावा किया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को हमेशा के लिए रोकने और यूरेनियम का स्टॉक सौंपने पर सहमत हो गया है। उन्होंने बताया कि समझौते के ज़्यादातर पॉइंट्स तय हो चुके हैं और बातचीत आगे बढ़ेगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि जब तक डील पक्की नहीं होती, तब तक ईरान के बंदरगाहों और जहाजों की सैन्य नाकेबंदी जारी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान अब हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद नहीं करेगा और अमेरिका ने इसराइल को लेबनान पर बमबारी करने से रोक दिया है।

ईरान ने ट्रंप की बातों को क्यों नकारा?

ईरान के अधिकारियों ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह गलत बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei और विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ किया कि उनका संवर्धित यूरेनियम कहीं नहीं भेजा जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने CNN को बताया कि यूरेनियम को विदेश भेजने की मांग बिल्कुल मंजूर नहीं होगी। ईरान का कहना है कि यूरेनियम बनाना उनका संप्रभु अधिकार है और अभी बातचीत शुरुआती दौर में है।

अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद के बिंदु

दोनों देशों के बीच परमाणु सामग्री और समय सीमा को लेकर काफी मतभेद हैं। जहाँ अमेरिका सख्त शर्तों पर अड़ा है, वहीं ईरान अपनी शर्तों पर बात कर रहा है। इस विवाद की मुख्य बातें नीचे दी गई तालिका में हैं:

विषय अमेरिका का पक्ष ईरान का पक्ष
परमाणु सामग्री यूरेनियम स्टॉक सौंपना होगा सामग्री कहीं नहीं भेजी जाएगी
परमाणु कार्यक्रम हमेशा के लिए बंद करना होगा यूरेनियम बनाना संप्रभु अधिकार है
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य कभी बंद नहीं किया जाएगा नाकेबंदी हटने पर निर्भर करेगा
समय सीमा 20 साल का मोरेटोरियम 5 साल का पॉज़ (Pause)
लेबनान मामला इसराइल पर बमबारी की पाबंदी सीजफायर शर्तों पर आधारित
बिचौलिया देश पाकिस्तान की भूमिका संभव बातचीत शुरुआती स्तर पर है
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.