अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर कोई फीस लगाई, तो बातचीत तुरंत बंद कर दी जाएगी। यह रास्ता दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई के लिए बहुत जरूरी है।
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी इस बात को दोहराया है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ईरान द्वारा लगाए जाने वाले किसी भी टोल या फीस को स्वीकार नहीं करेगा। Rubio के मुताबिक, यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यहां कोई भी देश पैसे नहीं वसूल सकता।
ईरान और ओमान का क्या कहना है
दूसरी तरफ, ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने 24 जून 2026 को कहा कि Strait of Hormuz अब युद्ध से पहले वाली स्थिति में कभी नहीं लौटेगा। ईरान का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से इस रास्ते पर अपना नियंत्रण रखेगा।
इसी बीच ईरान और ओमान ने 23 जून को एक साझा बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि वे जहाजों की आवाजाही को मिलकर मैनेज करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जहाजों को दी जाने वाली सेवाओं के लिए कुछ “खर्च” (costs) लिए जा सकते हैं, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के हिसाब से होगा।
ट्रंप का बयान और IMO की कार्रवाई
21 जून को Donald Trump ने कहा था कि यह रास्ता शुरुआती 60 दिनों तक टोल फ्री रहेगा। लेकिन बाद में 24 जून को उन्होंने Truth Social पर लिखा कि ईरान जहाजों से कोई टोल, इंश्योरेंस फीस या अन्य शुल्क नहीं ले रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की International Maritime Organization (IMO) ने फंसे हुए नाविकों को निकालने और रास्ता सुरक्षित रखने के लिए काम शुरू कर दिया है। IMO के महासचिव ने चेतावनी दी है कि अगर यहां फीस ली गई, तो यह अन्य समुद्री रास्तों के लिए एक गलत मिसाल होगी।
पहले क्या हुआ था
- 19 जून को ईरान ने एक समझौते के बाद 60 दिनों के लिए सभी ट्रांजिट फीस माफ की थी।
- ईरान ने सभी जहाजों के लिए अपनी मंजूरी वाला इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया था।
- जहाजों के लिए उत्तरी रास्ते का इस्तेमाल करना जरूरी बताया गया और नियम न मानने पर जुर्माने की चेतावनी दी गई।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने के लिए टोल लेना मना है। हालांकि, ईरान का कहना है कि वह इस कानून का हिस्सा नहीं है, इसलिए वह अपनी शर्तें लागू कर सकता है। ओमान ने ईरान के टोल वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
