अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर फिर से सैन्य हमले करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर ईरान के साथ कोई सही समझौता नहीं होता है, तो वह दोबारा कार्रवाई कर सकते हैं। इस बयान के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है और पूरी दुनिया की नजरें अब इन दोनों देशों पर टिकी हैं।

Trump ने ईरान को लेकर क्या चेतावनी दी?

राष्ट्रपति Donald Trump ने 2 मई 2026 को कांग्रेस के नेताओं को बताया कि 7 अप्रैल 2026 तक ईरान के साथ चल रही लड़ाई रुक गई थी और तब से कोई गोलीबारी नहीं हुई। हालांकि, Trump ने यह भी कहा कि वह पाकिस्तान के जरिए आए ईरान के नए शांति प्रस्ताव से खुश नहीं हैं।

  • Trump ने कहा कि ईरान समझौता तो करना चाहता है लेकिन उनकी शर्तें अमेरिका को मंजूर नहीं हैं।
  • उन्होंने चेतावनी दी कि या तो डील होगी या फिर वह ईरान को पूरी तरह खत्म कर देंगे।
  • Trump का मानना है कि ईरान की सैन्य ताकत अब पहले से काफी कमजोर हो चुकी है।

ईरान ने अमेरिका के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?

अमेरिका की धमकी के बाद ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरान के सैन्य अधिकारी Mohammad Jafar Asadi ने कहा कि Trump द्वारा शांति प्रस्ताव को ठुकराने के बाद अब दोबारा युद्ध होना तय लग रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान दुश्मन के लिए कुछ सरप्राइज कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।

वहीं, ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने कहा कि अब फैसला पूरी तरह अमेरिका के हाथ में है कि वह बातचीत का रास्ता चुनता है या फिर टकराव का।

सऊदी अरब का स्टैंड और नए प्रतिबंध

इस पूरे मामले में सऊदी अरब ने शांति की वकालत की है। सऊदी सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि वह ईरान पर किसी भी हमले के लिए अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) का इस्तेमाल नहीं करने देगी। सऊदी अरब चाहता है कि इस समस्या का हल बातचीत से निकाला जाए।

दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए कुछ कड़े कदम उठाए हैं। अमेरिका के खजाने विभाग (US Treasury) ने 1 मई 2026 को चेतावनी दी कि जो जहाज ईरान को रास्ते के लिए टोल देंगे, उन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। साथ ही, ईरान से जुड़ी तीन एक्सचेंज कंपनियों और क्यूबा पर भी नए प्रतिबंध लगाए गए हैं ताकि ईरान की फंडिंग रोकी जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर से युद्ध शुरू हो सकता है?

Donald Trump ने संकेत दिया है कि अगर ईरान के साथ कोई संतोषजनक शांति समझौता नहीं हुआ, तो वह फिर से सैन्य हमले शुरू कर सकते हैं।

सऊदी अरब इस विवाद में क्या भूमिका निभा रहा है?

सऊदी अरब ने कूटनीतिक समाधान का समर्थन किया है और स्पष्ट किया है कि वह ईरान पर हमले के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं देगा।