अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने गलत व्यवहार किया तो उन पर फिर से हमले हो सकते हैं। हालांकि, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए एक शांति प्रस्ताव भेजा है, लेकिन दोनों देशों के बीच शर्तें अब भी बहुत अलग हैं। इस खींचतान का असर पूरी दुनिया की सुरक्षा और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।

ईरान का 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव और शर्तें

ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को 14 पॉइंट्स वाला एक शांति प्लान भेजा है। इस प्रस्ताव में ईरान ने मांग की है कि अमेरिका उसके बंदरगाहों की घेराबंदी (naval blockade) खत्म करे और लगाए गए प्रतिबंधों को हटाए। ईरान चाहता है कि अमेरिका उसकी जमी हुई संपत्ति वापस करे और अपनी सेना को पीछे हटा ले। इस प्लान में यह भी कहा गया है कि परमाणु बातचीत को अभी टाल दिया जाए और पहले शांति बहाल की जाए।

Strait of Hormuz और जहाजों पर हमले का खतरा

Strait of Hormuz को लेकर स्थिति काफी तनावपूर्ण है। ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह इस रास्ते को फिर से खोल सकता है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को अपनी घेराबंदी खत्म करनी होगी। ईरान के डिप्टी पार्लियामेंट स्पीकर Ali Nikzad ने कहा कि अमेरिका और इसराइल से जुड़े जहाजों को छोड़कर बाकी जहाजों को टोल टैक्स देने के बाद रास्ता मिलेगा। वहीं, 3 मई 2026 को एक मालवाहक जहाज ने छोटे जहाजों द्वारा हमले की खबर दी। इस वजह से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं।

अमेरिका और अन्य देशों का रुख

Donald Trump ने कहा कि वह ईरान के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें इस पर ज्यादा भरोसा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर ईरान ने कोई गलती की तो दोबारा हमले होंगे। दूसरी तरफ, जर्मनी के विदेश मंत्री Johann Wadephul ने ईरान से Strait of Hormuz को खोलने और परमाणु हथियार प्रोग्राम को छोड़ने की अपील की है। अमेरिका ने अभी तक ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखी है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था और उसकी करेंसी की हालत बहुत खराब हो गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए 14 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है। इसमें प्रतिबंध हटाने, नौसैनिक घेराबंदी खत्म करने, जमी हुई संपत्ति वापस करने और अमेरिकी सेना को पीछे हटाने की मांग की गई है।

Strait of Hormuz की स्थिति क्या है

ईरान इस रास्ते को खोलने के लिए तैयार है लेकिन वह गैर-अमेरिकी और गैर-इसराइली जहाजों से टोल टैक्स वसूलना चाहता है। हाल ही में यहाँ जहाजों पर हमलों की खबरें आई हैं।