स्पेस में लड़े जाएंगे भविष्य के युद्ध, DRDO चीफ ने कहा भारत को बड़ी तैयारी की ज़रूरत, अब पूरे देश को मिलकर काम करना होगा
भारत के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के चीफ समीर कामत ने एक बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युद्ध ज़मीन या समंदर के बजाय स्पेस यानी अंतरिक्ष में लड़े जाएंगे. भारत को इस दौड़ में पीछे नहीं रहना है, इसलिए अब पूरे देश को एक साथ मिलकर कोशिश करनी होगी ताकि देश की सुरक्षा पुख्ता रहे.
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भविष्य के युद्धों के लिए स्पेस क्यों है ज़रूरी?
DRDO चीफ समीर कामत ने 4 अप्रैल 2026 को मानेकशॉ सेंटर में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही. उन्होंने बताया कि अब स्पेस सिर्फ देश की सुरक्षा में मदद करने वाला टूल नहीं रहा है. अब यह एक ऐसा मुख्य क्षेत्र बन गया है जो यह तय करेगा कि भविष्य की लड़ाई कौन जीतेगा. उन्होंने साफ कहा कि दूसरे देश अपने स्पेस प्रोग्राम को बहुत तेज़ी से बढ़ा रहे हैं, इसलिए भारत के लिए इस गैप को भरना बहुत ज़रूरी है, लेकिन यह काम काफी चुनौतीपूर्ण होगा.
DRDO अब कैसे करेगा अंतरिक्ष में तैयारी?
भारत का सिविलियन स्पेस प्रोग्राम ISRO संभालता है, लेकिन डिफेंस स्पेस एजेंसी बनने के बाद मिलिट्री स्पेस की ज़िम्मेदारी DRDO को मिली है. इस चुनौती से निपटने के लिए DRDO अब स्टार्टअप्स, छोटे उद्योगों (MSMEs) और कॉलेजों के साथ मिलकर काम कर रहा है. समीर कामत ने बताया कि ऐसी तकनीकों को भारत में ही बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं खरीदी जा सकतीं, ताकि देश किसी दूसरे पर निर्भर न रहे.