मिस्र के Damietta Port पर 29 जुलाई को एक ड्रोन हमला हुआ, जिसकी जिम्मेदारी अज्ञात ईरानी अधिकारियों ने ली है। इस हमले में अमेरिकी कंपनी का गैस स्टोरेज टैंकर Energos Winter निशाना बना, जिसके बाद आग पास खड़े दूसरे जहाज GasLog Salem तक फैल गई। मिस्र के अधिकारियों ने पहले इसे इंजन रूम में लगी आग बताया था, लेकिन बाद में 30 जुलाई को सरकार ने पुष्टि की कि यह धमाका एक UAV यानी ड्रोन के कारण हुआ है।
हमले का असर और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल आया और Brent crude की कीमत 93.18 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि यह हमला उनकी क्षमता दिखाने के लिए किया गया था ताकि वे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर सकें। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका इसका करारा जवाब देगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान से इनकार किया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
