UAE के अबू धाबी में स्थित बरकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एक ड्रोन हमला हुआ है। यह हमला रविवार, 17 मई 2026 को हुआ जिसमें प्लांट के बाहरी इलाके में मौजूद एक बिजली जनरेटर में आग लग गई। हालांकि, सरकार और परमाणु अधिकारियों ने साफ किया है कि घबराने की कोई बात नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

ℹ: Saudi Arabia और Syria के बीच बड़ी बैठक, हाउसिंग और पब्लिक वर्क्स मंत्री ने की मुलाकात, साझा मुद्दों पर हुई बात

बरकाह प्लांट में ड्रोन हमला और अब तक क्या हुआ?

अबू धाबी के अल दफ्रा इलाके में स्थित बरकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहरी घेरे में एक ड्रोन ने हमला किया। इस हमले की वजह से एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में आग लग गई, जिसे अधिकारियों ने तुरंत बुझा दिया। फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने पुष्टि की है कि इस घटना से कोई भी रेडियोधर्मी पदार्थ (radioactive material) बाहर नहीं निकला है। रेडिएशन का स्तर सामान्य है और किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई है।

सुरक्षा पर क्या बोले अधिकारी और IAEA?

अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने बताया कि आग प्लांट के अंदर नहीं बल्कि बाहरी परिसर में लगी थी, इसलिए प्लांट की सुरक्षा प्रणालियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने एक परमाणु केंद्र के पास ऐसी सैन्य गतिविधि पर गहरी चिंता जताई है। UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने इस हमले को एक खतरनाक कदम बताया है। UAE डिफेंस मिनिस्ट्री के अनुसार, सऊदी अरब की सीमा के पास तीन ड्रोन देखे गए थे, जिनमें से दो को हवा में ही मार गिराया गया।

क्या है 123 एग्रीमेंट और परमाणु ईंधन का मामला?

UAE और अमेरिका के बीच एक खास समझौता है जिसे ‘123 एग्रीमेंट’ कहा जाता है। इस नियम के तहत UAE अपने यहाँ परमाणु ईंधन खुद तैयार या रिप्रोसेस नहीं करता है, बल्कि अमेरिका से आयात करता है। यह समझौता दुनिया में परमाणु सुरक्षा का एक बड़ा मानक माना जाता है। इस प्लांट को दक्षिण कोरिया की कंपनी KEPCO ने डिजाइन और निर्माण किया है और वही इसके संचालन में मदद करती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या परमाणु प्लांट से कोई रेडिएशन का खतरा हुआ है?

नहीं, FANR और अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने स्पष्ट किया है कि कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ है और जनता या पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है।

हमले के बाद प्लांट की वर्तमान स्थिति क्या है?

प्लांट के सभी यूनिट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। IAEA के अनुसार, घटना के बाद एक रिएक्टर को कुछ समय के लिए इमरजेंसी डीजल जनरेटर से चलाया गया था।