संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने अबू धाबी में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी से मुलाकात की है। यह मुलाकात 2 जून 2026 को हुई, जिसमें हाल ही में बराक न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने नागरिक सुविधाओं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर होने वाले इन हमलों को लेकर अपनी गहरी चिंता जताई है।

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बराक न्यूक्लियर प्लांट पर हुए हमले को लेकर IAEA प्रमुख ने क्या कहा?

राफेल ग्रॉसी ने 2 जून 2026 को खुद बराक न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट का दौरा किया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने इस ड्रोन हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों का गंभीर उल्लंघन बताया है। ग्रॉसी ने कहा कि न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाना बेहद खतरनाक कदम है जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है। हालांकि, UAE की संघीय परमाणु नियामक प्राधिकरण (FANR) ने स्पष्ट किया है कि 17 मई 2026 को हुए इस हमले से प्लांट की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है और कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ है। यह हमला प्लांट के बाहरी हिस्से में लगे बिजली जनरेटर पर हुआ था, जिसके बाद सावधानी के तौर पर एक रिएक्टर को बंद करना पड़ा था।

हमले के पीछे कौन है और इससे क्या नुकसान हुआ है?

इस हमले के लिए इराक की सीमा से लॉन्च किए गए ड्रोन जिम्मेदार थे, जिसमें ईरान समर्थित इराकी शिया मिलिशिया का हाथ बताया जा रहा है। इसके अलावा, ईरान द्वारा UAE की नागरिक सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन से किए जा रहे हमलों के आर्थिक और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले असर पर भी बैठक में बात हुई। IAEA अब प्लांट के बाहरी बिजली लाइन की मरम्मत के लिए UAE को तकनीकी मदद दे रहा है। इस काम को पूरा होने में कुछ हफ्ते का समय लगेगा और मरम्मत का काम पहले ही शुरू किया जा चुका है।

IAEA प्रमुख का अन्य खाड़ी देशों का दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?

राफेल ग्रॉसी केवल UAE ही नहीं, बल्कि परमाणु सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को लेकर अन्य खाड़ी देशों जैसे कतर, कुवैत और सऊदी अरब का भी दौरा कर रहे हैं। उन्होंने 2 जून 2026 को कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से भी मुलाकात की। इन दौरों का मुख्य उद्देश्य पूरे खाड़ी क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण और सुरक्षित इस्तेमाल को बढ़ावा देना और न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर कोई खतरा न आए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बराक न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला कब हुआ था और इससे क्या नुकसान हुआ?

यह ड्रोन हमला 17 मई 2026 को हुआ था। ड्रोन बाहरी बिजली जनरेटर से टकराया था, जिसके कारण एक रिएक्टर को बंद करना पड़ा था, लेकिन प्लांट की मुख्य सुरक्षा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

क्या इस ड्रोन हमले से कोई रेडियोधर्मी रिसाव हुआ था?

UAE की परमाणु नियामक संस्था (FANR) ने पुष्टि की है कि हमले के बाद किसी भी तरह का रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ और सभी जरूरी सुरक्षा प्रणालियां पूरी तरह सुरक्षित थीं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.