UAE के Barakah परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए ड्रोन हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव बढ़ गया है। इस घटना का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा और यह बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई। सुरक्षा कारणों से बढ़ी इस हलचल ने क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा बाजार दोनों को प्रभावित किया है।

Barakah परमाणु प्लांट पर ड्रोन हमले में क्या हुआ?

रविवार, 17 मई 2026 को UAE के अबू धाबी स्थित Barakah परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया। UAE रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पश्चिमी सीमा से तीन ड्रोन आए थे, जिनमें से दो को हवा में ही रोक लिया गया, लेकिन एक ड्रोन ने प्लांट के बाहरी घेरे में स्थित एक इलेक्ट्रिक जनरेटर पर हमला कर दिया।

  • नुकसान: जनरेटर में आग लग गई, लेकिन प्लांट के मुख्य हिस्से को कोई नुकसान नहीं हुआ।
  • सुरक्षा: परमाणु नियामक FANR और Abu Dhabi Media Office ने साफ किया कि कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ और रेडिएशन का स्तर बिल्कुल सामान्य है।
  • ऑपरेशन: एक रिएक्टर को कुछ समय के लिए इमरजेंसी डीजल जनरेटर पर चलाना पड़ा, लेकिन बाकी सभी यूनिट सामान्य रूप से काम कर रही हैं।

दुनिया भर के देशों और संस्थाओं की क्या प्रतिक्रिया रही?

इस हमले को UAE ने एक “बिना उकसावे वाला आतंकवादी हमला” बताया है। UAE के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार Anwar Gargash ने इस घटना के लिए ईरान या उसके समर्थकों की ओर इशारा किया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के डायरेक्टर जनरल Rafael Mariano Grossi ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और कहा कि परमाणु सुरक्षा को खतरे में डालना स्वीकार नहीं है।

क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर अन्य देशों की प्रतिक्रिया इस प्रकार रही:

  • सऊदी अरब: इस हमले की कड़ी निंदा की और UAE के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की।
  • भारत: भारत ने इसे एक “खतरनाक वृद्धि” बताया और सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की।
  • KEPCO: प्लांट का संचालन करने वाली दक्षिण कोरियाई कंपनी ने पुष्टि की कि प्लांट को सीधे तौर पर कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या परमाणु प्लांट में रेडिएशन लीक हुआ है?

नहीं, UAE के परमाणु नियामक FANR और IAEA ने पुष्टि की है कि रेडिएशन लेवल पूरी तरह सामान्य है और प्लांट की सुरक्षा प्रणालियाँ सुरक्षित रहीं।

ड्रोन हमले का तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा?

हमले के बाद बाजार में अस्थिरता आई जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गईं, जो पिछले दो हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है।