UAE के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन से हमला हुआ है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है क्योंकि परमाणु संयंत्र को निशाना बनाना बहुत खतरनाक माना जाता है। UAE सरकार ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन बताया है और दुनिया के कई बड़े देशों ने इसकी कड़ी निंदा की है।

🚨: Samsung की बड़ी मुश्किल, साउथ कोरिया में 18 दिनों की हड़ताल शुरू, दुनिया भर में बढ़ सकते हैं चिप और मेमोरी के दाम

हमला कब हुआ और क्या था नुकसान

यह ड्रोन हमला 17 मई, 2026 को हुआ था। UAE के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि ये ड्रोन इराक की तरफ से आए थे। हमलावरों ने प्लांट के बाहरी इलाके में लगे एक बिजली जनरेटर को निशाना बनाया। गनीमत यह रही कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही कोई रेडियोलॉजिकल रिसाव हुआ। हालांकि, इस हमले की वजह से एक रिएक्टर को कुछ समय के लिए आपातकालीन डीजल जनरेटर पर निर्भर रहना पड़ा।

UAE सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति के कूटनीतिक सलाहकार डॉ. Anwar Gargash ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु संयंत्र पर हमला करना बहुत जोखिम भरा है। उन्होंने बताया कि यह हमला 1977 Geneva Conventions और United Nations Security Council Resolution 487 जैसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। वहीं International Atomic Energy Agency (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा कि परमाणु सुविधाओं को खतरे में डालना बिल्कुल अस्वीकार्य है। UAE के विदेश मंत्री Abdullah bin Zayed ने भी साफ़ किया कि देश के पास इस हमले का जवाब देने का पूरा हक है।

किन देशों और संगठनों ने जताई चिंता

इस घटना के बाद भारत, अमेरिका, कनाडा, पाकिस्तान और बेल्जियम जैसे देशों ने यूएई का समर्थन किया है। इसके साथ ही यूरोपीय संघ (EU), जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और अरब लीग ने भी इस हमले की निंदा की है। UAE के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. Sultan Al Jaber ने इस पूरी घटना को एक आतंकवादी हमला बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या बराकाह न्यूक्लियर प्लांट में कोई रेडियोलॉजिकल रिसाव हुआ है

नहीं, IAEA के महानिदेशक ने पुष्टि की है कि विकिरण का स्तर सामान्य रहा और कोई रिसाव नहीं हुआ है।

हमला करने वाले ड्रोन कहाँ से आए थे

UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ड्रोन इराक से आए थे और आशंका है कि यह ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया का काम है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.