दुबई और अबू धाबी के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है. अब हाईवे पर टोल चुकाने के लिए रुकने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि स्मार्ट टोल सिस्टम लागू हो रहा है. यह सिस्टम बिना किसी रुकावट के आपके खाते से अपने आप पैसे काट लेगा. इस बदलाव का सीधा असर उन प्रवासियों और कर्मचारियों पर पड़ेगा जो रोजाना इन दोनों शहरों के बीच यात्रा करते हैं.
नए टोल गेट कहाँ लगेंगे और कितना शुल्क देना होगा?
अबू धाबी सरकार ने घोषणा की है कि शेख मकतूम बिन राशिद स्ट्रीट (घंटूट) और वाहात अल करामा स्ट्रीट पर दो नए ‘दार्ब’ टोल गेट बनाए गए हैं. ये गेट 4 मई, 2026 से पूरी तरह चालू हो जाएंगे. इन गेटों के बारे में मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- ये टोल गेट दिन के 24 घंटे काम करेंगे.
- हर बार गेट पार करने पर 4 दिरहम का शुल्क लिया जाएगा.
- यह पूरी तरह से स्वचालित प्रणाली है, जिससे ट्रैफिक में रुकावट नहीं आएगी.
‘दार्ब’ टोल सिस्टम के नियमों में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?
अबू धाबी के एकीकृत परिवहन केंद्र (ITC) ने टोल नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं जो 1 सितंबर, 2025 से लागू हो चुके हैं. अब पहले की तरह कोई दैनिक या मासिक सीमा नहीं रहेगी. इसका मतलब है कि अब 16 दिरहम प्रतिदिन या 200 दिरहम प्रति माह वाली कैप हटा दी गई है और अब हर क्रॉसिंग पर 4 दिरहम लगेंगे.
पीक आवर्स यानी भीड़ वाले समय को भी बढ़ा दिया गया है. अब सोमवार से शनिवार को सुबह 7 बजे से 9 बजे तक और शाम 3 बजे से 7 बजे तक पीक आवर्स रहेंगे. हालांकि, कुछ लोगों को इसमें राहत दी गई है:
- रविवार और सार्वजनिक छुट्टियों के दिन टोल फ्री यात्रा होगी.
- वरिष्ठ नागरिकों, सेवानिवृत्त लोगों और विकलांग व्यक्तियों को शुल्क में छूट मिलेगी.
- कम आय वाले परिवारों के लिए भी विशेष छूट का प्रावधान है.
अन्य अमीरातों में स्मार्ट टोल की स्थिति क्या है?
सिर्फ अबू धाबी ही नहीं, बल्कि अन्य अमीरातों में भी ट्रैफिक को बेहतर बनाने के लिए ऐसी प्रणालियाँ लाई गई हैं. शारजाह ने 16 और 17 फरवरी, 2026 को कमर्शियल ट्रकों के लिए “मसार” स्मार्ट टोल सिस्टम शुरू किया है. यह सिस्टम एआई तकनीक का इस्तेमाल करता है ताकि भारी वाहनों का शुल्क आसानी से इकट्ठा किया जा सके. वहीं दुबई में पहले से ही बिना बूथ वाला इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम काम कर रहा है जो यात्रा को आसान बनाता है.