दुबई अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में सबसे आगे निकलने की तैयारी कर रहा है। शहर की सरकार अब ऐसे AI सिस्टम पर काम कर रही है जो सिर्फ जवाब नहीं देंगे बल्कि खुद फैसले लेकर काम पूरा करेंगे। शेख हमदान बिन मोहम्मद ने इस दिशा में कई बड़े कदम उठाए हैं जिससे आम लोगों और बिजनेस करने वालों के काम आसान होंगे।

प्राइवेट सेक्टर में आएगा Agentic AI

शेख हमदान बिन मोहम्मद ने दुबई के प्राइवेट सेक्टर में Agentic AI को तेज़ी से लागू करने के लिए एक एग्जीक्यूटिव प्लान को मंजूरी दी है। अब मकसद ऐसे AI सिस्टम बनाना है जो खुद काम कर सकें और ऑपरेशन को बेहतर तरीके से मैनेज करें। इसके लिए बिजनेस काउंसिल्स को ट्रेनिंग दी जाएगी और नई AI कंपनियों के लिए सरकारी फंड और इनक्यूबेटर्स की सुविधा दी जाएगी ताकि प्राइवेट सेक्टर इस बदलाव में मुख्य भूमिका निभा सके।

सरकारी कामों के लिए Eqamh GPT की शुरुआत

दुबई सरकार ने Eqamh GPT नाम का एक नया जेनरेटिव AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका इस्तेमाल सरकारी दफ्तरों में काम की रफ्तार बढ़ाने और फैसलों को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। कैबिनेट मामलों के मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल गरगावी ने बताया कि UAE सरकार का लक्ष्य अगले दो साल में 50 प्रतिशत सरकारी सेवाओं और ऑपरेशंस को Agentic AI मॉडल पर ले जाना है।

दुनिया में UAE का दबदबा और आर्थिक फायदा

दुबई फ्यूचर फाउंडेशन (DFF) और IBM की एक स्टडी के मुताबिक UAE AI गवर्नेंस में दुनिया का लीडर बन गया है। यहाँ लगभग 20 प्रतिशत संस्थाएं AI गवर्नेंस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही हैं जबकि दुनिया में यह औसत सिर्फ 12 प्रतिशत है। यह माना जा रहा है कि 2030 तक AI की वजह से UAE की GDP में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी और कर्मचारियों की काम करने की क्षमता 40 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी।

पुलिस और टैलेंट के लिए नई योजनाएं

दुबई पुलिस के लिए ‘डिजिटल ट्विन सिस्टम’ को मंजूरी दी गई है जिससे निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और भी स्मार्ट होगी। साथ ही दुनिया भर से काबिल लोगों को आकर्षित करने के लिए ‘दुबई ग्लोबल टैलेंट नेटवर्क’ प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। इसके अलावा 32 अमीराती विशेषज्ञों को NEP-AI प्रोग्राम के तहत सात महीने की ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे देश की AI प्राथमिकताओं पर काम कर सकें।