Dubai Airport पर बड़ा बदलाव, अब बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन से सफर होगा आसान.

Aanya26 August 20263 min read81 viewsUAE
Dubai Airport पर बड़ा बदलाव, अब बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन से सफर होगा आसान.

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) ने यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने के लिए एक बड़े अपडेट का ऐलान किया है। बुधवार, 26 अगस्त 2026 को दुबई एयरपोर्ट्स ने यह पुष्टि की है कि आने वाले समय में यात्रियों को लंबी लाइनों और कागजी कार्रवाई से राहत दी जाएगी। इसके लिए एयरपोर्ट पर बायोमेट्रिक प्रोसेसिंग, फेशियल रिकग्निशन, सेल्फ-सर्विस चेक-इन और रिमोट डिपार्चर सिस्टम को बेहतर बनाया जा रहा है ताकि सफर करने वाले लोगों का अनुभव पूरी तरह से आधुनिक और आसान हो सके।

भारतीय यात्रियों और प्रवासियों पर पड़ेगा बड़ा असर

दुबई एयरपोर्ट के इस नए बदलाव का सीधा फायदा यूएई में रहने वाले प्रवासियों और भारत से आने-जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। दुबई एयरपोर्ट्स के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत इस एयरपोर्ट का सबसे बड़ा मार्केट है। साल 2025 के पहले छह महीनों में कुल 5.9 मिलियन यानी करीब 59 लाख भारतीय यात्रियों ने यहां से सफर किया था, जिसमें मुंबई और नई दिल्ली के रास्ते सबसे व्यस्त रहे थे। इस सुधार से कोच्चि, कोझिकोड, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे भारतीय शहरों से यात्रा करने वाले लोगों को बहुत सहूलियत मिलेगी क्योंकि वे अक्सर इस रूट पर सफर करते हैं।

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फेस रिकग्निशन और रेड कार्पेट इमिग्रेशन

वर्तमान में भी DXB एयरपोर्ट पर चेक-इन, इमिग्रेशन, लाउंज एक्सेस और बोर्डिंग के दौरान बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। नई योजना के तहत एयरपोर्ट प्रशासन फेशियल रिकग्निशन यानी चेहरे की पहचान के दायरे को और बढ़ाने जा रहा है ताकि यात्रियों को बिना कागजात के सफर करने का मौका मिल सके। एमिरेट्स एयरलाइन ने पहले ही टर्मिनल 3 पर 200 से अधिक बायोमेट्रिक कैमरों में 85 मिलियन दिरहम का निवेश किया है। इसके अलावा एक एआई-संचालित 'रेड कार्पेट' इमिग्रेशन कॉरिडोर भी बनाया गया है, जो कुछ ही सेकंड में एक साथ 10 यात्रियों की प्रक्रिया पूरी करने की क्षमता रखता है। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि इसके बाद भी यात्रियों को अपने पास पासपोर्ट और वीजा जैसे जरूरी दस्तावेज हमेशा रखने होंगे क्योंकि बायोमेट्रिक पात्रता अभी भी इमिग्रेशन स्टेटस और सिस्टम में रजिस्ट्रेशन पर निर्भर करती है।

सेल्फ-सर्विस कियोस्क और रिमोट डिपार्चर सिस्टम

छुट्टियों और स्कूलों के खुलने के समय एयरपोर्ट पर भारी भीड़ होती है, जिससे निपटने के लिए दुबई एयरपोर्ट्स अपने सेल्फ-सर्विस कियोस्क के नेटवर्क को भी फैला रहा है। इन मशीनों की मदद से यात्री खुद ही चेक-इन, बैगेज टैगिंग और बैग ड्रॉप का काम आसानी से कर सकेंगे। इसके अलावा एक नए रिमोट डिपार्चर सिस्टम पर भी काम चल रहा है, जिससे उन उड़ानों के लिए बोर्डिंग प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके जिनके विमान सीधे एरोब्रिज से नहीं जुड़े होते हैं। इससे बस ट्रांसफर के दौरान होने वाला इंतजार कम होगा। यूरोप, अफ्रीका और उत्तर अमेरिका जाने वाले ट्रांजिट यात्रियों के लिए भी एयरपोर्ट के लेआउट में बदलाव किए जा रहे हैं ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपने सफर को जारी रख सकें।

यात्रियों की संख्या में आ रहा है सुधार

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए यह बड़ा कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हाल ही में यहां ट्रैफिक में उतार-चढ़ाव देखा गया था। खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, DXB ने साल 2026 की पहली छमाही में 31.5 मिलियन यानी 3 करोड़ 15 लाख यात्रियों को संभाला, जो पिछले साल यानी 2025 की इसी अवधि के मुकाबले 31.3 प्रतिशत कम था। हालांकि साल की दूसरी तिमाही में ट्रैफिक में लगातार सुधार देखने को मिला है, जिसमें अप्रैल में 3.5 मिलियन, मई में 4.5 मिलियन और जून में 5 मिलियन यात्रियों ने सफर किया। जून के अंत तक इस एयरपोर्ट से कुल 50 अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस काम कर रही थीं, जो 99 देशों के 217 ठिकानों को आपस में जोड़ती हैं। दुबई एयरपोर्ट्स को उम्मीद है कि साल की दूसरी छमाही में उड़ानों की संख्या बढ़ने से यात्रियों के आने-जाने के आंकड़े में और अधिक तेजी आएगी।

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