दुबई एयरपोर्ट पर एक यात्री को उसके सूटकेस में दुर्लभ भालू के मृत अवशेषों के साथ पकड़ा गया है। दुबई कस्टम्स ने इस तस्करी को नाकाम किया और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वन्यजीवों की तस्करी को लेकर UAE सरकार अब बहुत सख्त हो गई है और ऐसे मामलों में भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।

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दुबई एयरपोर्ट पर वन्यजीव तस्करी के मामले और पकड़

दुबई कस्टम्स ने समय-समय पर यात्रियों के सामान से कई दुर्लभ और प्रतिबंधित जानवरों को बरामद किया है। पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ यात्रियों ने सामान में जानवरों को छिपाया था:

  • साल 2012 में stuffed baby crocodiles और भालू की खाल जैसे सामान पकड़े गए थे।
  • फरवरी 2015 में अफ्रीका से आए एक यात्री के पास तीन मीटर लंबा मरा हुआ अजगर मिला था।
  • मार्च 2024 में एक यात्री के पास से बंदर का हाथ और एक मरा हुआ पक्षी बरामद हुआ था।

दुबई एयरपोर्ट्स और Emirates SkyCargo ने वन्यजीव तस्करी को रोकने के लिए zero-tolerance नीति अपनाई है और वे दुबई पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

UAE का नया कानून: तस्करी करने वालों के लिए सख्त सजा

UAE सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के लिए एक नया संघीय कानून Federal Decree-Law No. 22 of 2025 लागू किया है। यह कानून दुर्लभ जानवरों के अवैध व्यापार को पूरी तरह रोकने के लिए बनाया गया है। इसके तहत जुर्माने और सजा की राशि बहुत बढ़ा दी गई है:

  • नियम तोड़ने वालों पर 30,000 दिरहम से लेकर 20 लाख दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है।
  • गंभीर मामलों में दोषियों को 4 साल से लेकर 15 साल तक की जेल हो सकती है।
  • जो विदेशी नागरिक बार-बार इस तरह के अपराध करेंगे, उन्हें अनिवार्य रूप से देश से डिपोर्ट (deport) कर दिया जाएगा।

Ministry of Climate Change and Environment (MOCCAE) ने साफ किया है कि निजी तौर पर दुर्लभ और खतरनाक जंगली जानवरों को रखना पूरी तरह बैन है। इसकी अनुमति केवल चिड़ियाघर, रिसर्च सेंटर और मान्यता प्राप्त पार्कों को ही दी जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या UAE में विदेशी या दुर्लभ जानवरों को पालना कानूनी है

नहीं, UAE में निजी तौर पर दुर्लभ और जंगली जानवरों को रखने पर पाबंदी है। इसकी इजाजत सिर्फ मान्यता प्राप्त चिड़ियाघरों, रिसर्च सेंटर और वन्यजीव पार्कों को ही मिलती है।

वन्यजीव तस्करी करने वालों को कितनी सजा मिल सकती है

नए कानून के तहत दोषियों को 4 से 15 साल तक की जेल और 20 लाख दिरहम तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। साथ ही विदेशी नागरिकों को डिपोर्ट भी किया जा सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com