दुबई में उन प्रवासियों के लिए एक उम्मीद की किरण जली है जो वीज़ा खत्म होने या किसी अन्य कारण से फंस गए हैं। GDRFA Dubai के तहत चलने वाला ‘Centre for Harbouring’ ऐसे लोगों को मानवीय सहायता दे रहा है ताकि वे सुरक्षित अपने देश वापस लौट सकें। यहाँ आने वाले लोगों को केवल एक इमिग्रेशन केस नहीं, बल्कि एक इंसान माना जाता है जिन्हें अक्सर गलत भर्ती प्रक्रियाओं के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है।

सुविधाओं और मदद का पूरा इंतजाम

इस केंद्र में जेल जैसी स्थिति नहीं है, बल्कि यहाँ रहने के लिए डॉर्मिटरी बनाई गई हैं। यहाँ प्रवासियों को रहने की जगह, खाने और मेडिकल सुविधा दी जाती है। 2026 के पहले छह महीनों में यहाँ 11,696 लोगों को शरण दी गई और इतने ही लोगों की मेडिकल जांच की गई। केंद्र के क्लिनिक में बच्चों के लिए खेलने की जगह से लेकर दांतों और फिजियोथेरेपी तक का इलाज उपलब्ध है।

यहाँ के कुछ मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • कुल परोसा गया भोजन: 322,232
  • दूतावासों के जरिए तैयार किए गए ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स: 4,568
  • कुल जारी किए गए ट्रैवल टिकट: 11,696

GDRFA Dubai के डायरेक्टर जनरल Lieutenant General Mohammed Ahmed Al Marri ने बताया कि केंद्र का मुख्य उद्देश्य मानवीय गरिमा को बनाए रखना है। हाल ही में एक केन्याई महिला का मामला सामने आया, जो दुबई में फंस गई थी और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। अब यह केंद्र उसे और उसके नवजात बच्चे को सुरक्षित स्वदेश भेजने में मदद कर रहा है।

दुबई का मानवीय दायरा और नई पहल

दुबई के शासक Sheikh Mohammed bin Rashid Al Maktoum ने 28 जुलाई 2026 को एक नया फरमान जारी किया है, जिसके तहत Dubai Humanitarian Authority के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का गठन किया गया है। Mohammed Ibrahim Al Shaibani को इसका चेयरमैन बनाया गया है। यह पहल दुबई को एक ग्लोबल ह्यूमैनिटेरियन हब के रूप में और अधिक मजबूती देगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com