Dubai और India के बीच हुआ बड़ा समझौता, Agentic AI को बढ़ावा देने के लिए NASSCOM और Dubai Chambers ने मिलाया हाथ.

दुबई और भारत के तकनीकी संबंधों को एक नई दिशा देते हुए Dubai Chambers और NASSCOM ने मिलकर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह आधिकारिक समझौता 19 August 2026 को हुआ है, जिसका मुख्य उद्देश्य एजेंटिक एआई यानी Agentic AI के क्षेत्र में आपसी सहयोग को तेजी से आगे बढ़ाना है। इस रणनीतिक साझेदारी से दुबई के प्राइवेट सेक्टर में इस नई तकनीक को अपनाने की गति तेज होगी और साथ ही भारत की तकनीकी कंपनियों को खाड़ी देशों में अपने कारोबार का विस्तार करने में बड़ी मदद मिलेगी।
कैसे काम करेगा यह नया समझौता और क्या होंगे फायदे
इस करार के तहत दोनों संगठन ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे और भारत तथा दुबई के तकनीकी इकोसिस्टम से जुड़े लोगों के बीच रणनीतिक साझेदारियां तैयार करेंगे। भारत की राष्ट्रीय तकनीकी इंडस्ट्री लगभग $315 billion की है, जिसमें 3,500 से अधिक सदस्य कंपनियां शामिल हैं। इस समझौते के जरिए इन दिग्गज भारतीय फर्मों को दुबई में व्यापार, निवेश और साझेदारी के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। दोनों देशों के उद्यमियों, निवेशकों और कारोबारियों को आपस में जोड़ने के लिए विशेष सम्मेलनों और समर्पित मंचों का आयोजन भी किया जाएगा।
अधिकारियों ने क्या कहा इस साझेदारी के बारे में
Dubai Chambers के प्रेसिडेंट और सीईओ Mohammad Ali Rashed Lootah ने बताया कि दुबई के प्राइवेट सेक्टर को एजेंटिक एआई की तरफ ले जाने का यह कदम एक बड़ी वैश्विक पहल है। उन्होंने कहा कि बिजनेस की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने और नए आर्थिक अवसर पैदा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बहुत जरूरी हैं। यह कदम संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE सरकार के उस बड़े निर्देश के साथ मेल खाता है, जिसके तहत अगले दो सालों के भीतर देश के 50% सरकारी क्षेत्रों, सेवाओं और ऑपरेशंस को एजेंटिक एआई आधारित मॉडल्स में बदलने की तैयारी है।
पहले से चल रही तैयारियों को मिली मजबूती
यह नई साझेदारी पहले से किए जा रहे कार्यों की नींव पर ही आगे बढ़ रही है। इससे पहले June 2026 में Dubai Chambers द्वारा एजेंटिक एआई के लिए एक विशेष कार्यकारी समिति यानी Executive Committee for Agentic AI का गठन किया गया था। यह समिति विशेष ट्रेनिंग और इनक्यूबेटर्स पर ध्यान देती है और इसे कई बड़े नेताओं का मार्गदर्शन प्राप्त है। इस समिति के कामकाज की देखरेख H.E. Eng. Sultan bin Saeed Al Mansoori (चेयरमैन, दुबई चैंबर्स) और H.E. Omar Sultan Al Olama (मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इकोनामी एंड रिमोट वर्क एप्लीकेशंस) कर रहे हैं। प्राइवेट सेक्टर को इसमें शामिल करने की इस बड़ी रणनीति की शुरुआत मूल रूप से दुबई के क्राउन प्रिंस, डिप्टी प्राइम मिनिस्टर, डिफेंस मिनिस्टर और द एक्जीक्यूटिव काउंसिल ऑफ दुबई के चेयरमैन H.H. Sheikh Hamdan bin Mohammed bin Rashid Al Maktoum द्वारा की गई थी।