दुबई में अगर आप डिलीवरी का काम करते हैं या डिलीवरी कंपनी चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। दुबई की सड़क और परिवहन प्राधिकरण (RTA) ने मोटरसाइकिल और ई-बाइक (e-bikes) के लिए एक नया नियम बनाया है।

अब तक मोटरसाइकिलों पर सिर्फ पीछे नंबर प्लेट होती थी, लेकिन अब सामने (Front) भी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य होगा।

यहाँ जानिए इस नियम की पूरी जानकारी:

1. किन पर लागू होगा यह नियम? यह नियम मुख्य रूप से कॉमर्शियल (Commercial) कामों में इस्तेमाल होने वाली बाइक्स के लिए है। इसमें शामिल हैं:

  • पार्सल और डॉक्यूमेंट डिलीवरी करने वाली बाइक्स।

  • खाना पहुंचाने वाली (Food Delivery) बाइक्स।

  • किराये पर दी जाने वाली (Rental) ई-बाइक्स।

2. कब से शुरू होगा? यह नया नियम दिसंबर 2025 के अंत से लागू हो जाएगा।

  • ऐसा नहीं है कि सबको तुरंत प्लेट बदलवानी है। यह धीरे-धीरे लागू होगा।

  • जब आप अपनी बाइक का रजिस्ट्रेशन रिन्यू (Renew) करवाएंगे या नई बाइक रजिस्टर करेंगे, तब आपको यह नई प्लेट दी जाएगी।

3. कैसी दिखेगी नई प्लेट? RTA के अधिकारी अहमद महबूब ने बताया कि नई प्लेट की पहचान अलग होगी:

  • रंग: इसका बैकग्राउंड सुनहरा (Golden) होगा और नंबर काले (Black) रंग में लिखे होंगे।

  • कोड: डिलीवरी बाइक्स की पहचान के लिए प्लेट पर ‘9’ कोड लिखा होगा।

4. क्यों लिया गया यह फैसला? RTA और दुबई पुलिस ने मिलकर यह कदम उठाया है। इसका मकसद सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाना है। सामने नंबर प्लेट होने से ट्रैफिक पुलिस और कैमरों के लिए इन बाइक्स पर नज़र रखना और पहचानना आसान हो जाएगा। यह कदम अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

खबर शोर्ट में

  • दुबई में अब डिलीवरी सर्विस में इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिल और ई-बाइक के लिए आगे की नंबर प्लेट लगाई जाएगी।
  • ये नया नियम दिसंबर के अंत से लागू होगा और धीरे-धीरे लाइसेंस के नवीनीकरण के समय लागू किया जाएगा।
  • नए नियम का मकसद डिलीवरी सेक्टर की सुरक्षा बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षा उपाय करना है।
  • नई नंबर प्लेट में सोने का बैकग्राउंड और काले अक्षर होंगे, और ‘9’ कोड डिलीवरी बाइक की पहचान के लिए रहेगा।
  • यह नियम केवल डिलीवरी, पार्सल, और रेंटल के लिए उपयोगी बाइक पर ही लागू होगा, निजी मोटरसाइकिल पर नहीं।
  • RTA और दुबई पुलिस ने पहले ही डिलीवरी बाइक के कुछ रोड लेन पर प्रतिबंध लगाए थे ताकि सड़क सुरक्षा बेहतर हो सके।