सोशल मीडिया पर नौकरी की तलाश करने वाले लोगों के लिए दुबई से एक बड़ी चेतावनी आई है। यहाँ तीन लोग सिर्फ इसलिए जेल पहुँच गए क्योंकि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल पैसों के लेनदेन के लिए किया। दुबई कोर्ट ने इन लोगों पर भारी जुर्माना लगाया है और उन्हें देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है।
कैसे हुआ यह पूरा साइबर फ्रॉड
यह मामला जनवरी 2026 का है जब एक व्यक्ति ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन सर्विस के नाम पर एक फर्जी लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद उसने अपनी बैंक कार्ड की जानकारी और CVV नंबर साझा कर दिया। शुरुआत में छोटा अमाउंट कटा लेकिन बाद में उसके खाते से करीब 6,60,000 दिरहम निकाल लिए गए। ये पैसे दुबई के तीन अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में भेजे गए थे। सक्षम अधिकारियों ने बैंक जांच और पैसों की आवाजाही को ट्रैक करके इन तीनों लोगों की पहचान की।
नौकरी के लालच में कैसे फंसे ये लोग
पकड़े गए तीनों लोग सोशल मीडिया पर एक फर्जी नौकरी के विज्ञापन के झांसे में आए थे। उनसे कहा गया था कि वे अपने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल पैसे पाने और उन्हें आगे भेजने के लिए करें, जिसके बदले उन्हें कमीशन मिलेगा। हालांकि उन्होंने कोर्ट में कहा कि उन्हें नहीं पता था कि यह पैसा गलत तरीके से आया है, लेकिन कोर्ट ने सबूतों और उनके कबूलनामे के आधार पर उन्हें दोषी माना। यह मामला खासतौर पर उन प्रवासियों के लिए सबक है जो बिना जांच-पड़ताल के ऑनलाइन नौकरी के ऑफर पर भरोसा करते हैं।
कोर्ट ने क्या सजा सुनाई और कितना जुर्माना लगाया
दुबई मिसडीमीनर्स कोर्ट ने 21 अप्रैल 2026 को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने तीनों दोषियों को दो महीने की जेल और उसके बाद डिपोर्ट करने का आदेश दिया। UAE के संघीय डिक्री कानून नंबर 34 (2021) के तहत ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए कम से कम एक साल की जेल और 2.5 लाख से 10 लाख दिरहम तक के जुर्माने का प्रावधान है। इस मामले में कोर्ट ने निम्नलिखित जुर्माना लगाया है:
| विवरण | राशि/समय |
|---|---|
| कुल जुर्माना | 5,18,500 दिरहम |
| पहले आरोपी का जुर्माना | 3,46,000 दिरहम |
| दूसरे आरोपी का जुर्माना | 72,500 दिरहम |
| तीसरे आरोपी का जुर्माना | 1,00,000 दिरहम |
| पीड़ित का कुल नुकसान | 6,60,000 दिरहम |
| जेल की अवधि | 2 महीने |