Dubai कोर्ट का बड़ा फैसला, सोना और क्रिप्टो गबन मामले में निवेशक को मिलेंगे 47 लाख रुपये

दुबई की एक सिविल अदालत ने धोखाधड़ी और गबन के एक बड़े मामले में एक आरोपी को निवेशक को Dh4.7 million (लगभग 47 लाख रुपये) का मुआवजा चुकाने का आदेश दिया है। इस कुल राशि में Dh4.4 million की रकम गबन की गई संपत्तियों के मूल्य के रूप में शामिल है, जिसमें 6 किलोग्राम सोना भी मुख्य रूप से शामिल था। इसके अलावा कोर्ट ने भौतिक और नैतिक नुकसान के लिए अतिरिक्त Dh300,000 का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है। अदालत के इस सख्त फैसले से यूएई में निवेश करने वाले लोगों और प्रवासियों के बीच न्याय की उम्मीद और ज्यादा मजबूत हुई है।
आपराधिक सजा के बाद आया सिविल कोर्ट का यह फैसला
यह पूरा मामला तब सामने आया जब दुबई Misdemeanours Court ने आरोपी को विश्वासघात के मामले में दोषी करार दिया। उस आपराधिक फैसले के तहत आरोपी को 3 साल की जेल की सजा सुनाई गई और सजा पूरी होने के बाद उसे यूएई से डिपोर्ट (देश से बाहर) करने का आदेश दिया गया। इसके बाद Court of Appeal ने भी इस फैसले को पूरी तरह से बरकरार रखा। अदालती कार्यवाही में यह बात साफ हो गई थी कि आरोपी ने उस निवेशक की संपत्ति को अवैध रूप से अपने पास रोक कर रखा था, जिसे उसने भरोसे के साथ उसे सौंपा था। कोर्ट ने यह भी माना कि इस पूरी प्रक्रिया में निवेशक को बहुत ज्यादा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा और वह अपनी पूंजी तथा निवेश के अवसरों से दो साल से अधिक समय तक वंचित रहा।
डिजिटल एसेट्स और क्रिप्टो पर यूएई का सख्त कानून
यह मामला इस बात को साफ करता है कि यूएई में डिजिटल संपत्तियों और क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कानूनी ढांचा अब कितना मजबूत हो चुका है। देश में अब डिजिटल एसेट्स को कानूनी रूप से वित्तीय संपत्ति के तौर पर पूरी मान्यता दी जाती है। अदालत का यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि पारंपरिक वस्तुओं जैसे सोना और आधुनिक डिजिटल करेंसी से जुड़े जटिल वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए न्यायपालिका कितनी सतर्क हो चुकी है। इस फैसले के तहत मुआवजे की पूरी राशि का भुगतान होने तक उस पर 5% वार्षिक कानूनी ब्याज भी देना होगा। इसके अलावा आरोपी को मुकदमे का पूरा खर्च और कानूनी फीस भी चुकानी होगी। खाड़ी देशों में काम करने वाले और कारोबार करने वाले प्रवासियों के लिए यह एक बहुत बड़ा सबक है कि कानून वहां वित्तीय मामलों में पूरी तरह से पारदर्शिता और ईमानदारी की मांग करता है।