Dubai Civil Court ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जिससे अब संपत्तियों को छिपाकर कर्ज न चुकाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी. एक कंपनी के पूर्व हेड ने अपनी बेटी को करोड़ों की प्रॉपर्टी गिफ्ट की थी ताकि वह कर्ज चुकाने से बच सके, लेकिन अब कोर्ट ने उन संपत्तियों को वापस आरोपी के नाम करने का आदेश दिया है ताकि पीड़ित कंपनी अपना पैसा वसूल कर सके.

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क्या था पूरा मामला और कोर्ट ने क्या कहा?

यह मामला एक कंपनी के पूर्व प्रमुख का है जिस पर करीब Dh19.2 मिलियन के गबन का दोष साबित हुआ था. उसने साल 2019 में एक लग्जरी अपार्टमेंट और एक रेसिडेंशियल प्लॉट अपनी बेटी के नाम ट्रांसफर कर दिए थे. कोर्ट ने पाया कि यह ट्रांसफर जानबूझकर गलत इरादे से किया गया था ताकि कर्जदाताओं को पैसा न देना पड़े.

कितना था गबन और आरोपी को क्या मिली सजा?

आरोपी ने एक फर्जी विकास समझौते के जरिए कंपनी के फंड का इस्तेमाल किया था. इस मामले में आपराधिक अदालत ने उसे 10 साल की जेल और देश से निर्वासन (deportation) की सजा सुनाई थी. सिविल कोर्ट ने अब उन संपत्तियों को फिर से आरोपी के नाम दर्ज करने का आदेश दिया है ताकि वसूली की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके.

UAE कानून के मुताबिक क्या है नियम?

यह फैसला संयुक्त अरब अमीरात के सिविल लेनदेन कानून के अनुच्छेद 282 के आधार पर लिया गया है. अदालत ने स्पष्ट किया कि भले ही बेटी को दिए गए ये उपहार आपसी तौर पर कानूनी रूप से वैध हों, लेकिन कर्जदाताओं के अधिकारों के खिलाफ इन्हें मान्य नहीं माना जाएगा.

Aanya

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