दुबई की अदालत ने एक व्यक्ति दीपक चौधरी (Deepak Choudhry Jai Prakash Choudhry) के खिलाफ ट्रैवल बैन जारी कर दिया है. यह सख्त कदम करीब 30 लाख दिरहम के कर्ज की वजह से उठाया गया है. अब यह व्यक्ति कर्ज का भुगतान किए बिना यूएई छोड़कर नहीं जा सकेंगे.
कोर्ट का फैसला और वजह
दुबई कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस ने केस नंबर 227/2026/944 में यह आदेश जारी किया. जज उमर खालिद अमीन बहर (Judge Omar Khalid Amin Bahr) ने 11 जून 2026 को इस फैसले पर मुहर लगाई. कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस ट्रैवल बैन की जानकारी देश के सभी एयरपोर्ट और बॉर्डर पॉइंट्स पर भेज दी जाए ताकि व्यक्ति बाहर न जा सके.
यह कार्रवाई सिविल प्रोसीजर लॉ के आर्टिकल 324(1) के तहत की गई है. यूएई के कानून के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति पर 10,000 दिरहम से ज्यादा का कर्ज है और इस बात की आशंका है कि वह पैसा चुकाए बिना देश छोड़कर भाग सकता है, तो कोर्ट ट्रैवल बैन लगा सकता है. इस मामले में दीपक चौधरी पर कुल 2,998,713 दिरहम का कर्ज बकाया है.
बैन हटाने की शर्तें
अदालत ने साफ किया है कि यह पाबंदी तब तक लागू रहेगी जब तक कर्जदार पूरा पैसा कैश में जमा नहीं कर देता या फिर कुल रकम की बैंक गारंटी नहीं देता. मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर ने इस आदेश को सिस्टम के जरिए लागू कर दिया है, जिसका कोड 262324865283 रखा गया है.
यूएई में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि ऐसे आदेश सीधे पुलिस डेटाबेस (ICP) में दर्ज होते हैं, जिससे एयरपोर्ट पर ही व्यक्ति को रोक लिया जाता है. हालांकि, अगस्त 2024 में मिनिस्ट्री ऑफ जस्टिस ने नए सुधार लागू किए थे, जिसके तहत केस सुलझने या पैसा जमा होने के बाद अब ट्रैवल बैन अपने आप हट जाता है, जिससे अब अलग से कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ती.
