Dubai Court New Rule: व्हाट्सएप मैसेज पर अब होगी कड़ी नज़र, तलाक के केस में सबूत के तौर पर होगी कड़ी जांच

दुबई की अदालतों में अब व्हाट्सएप मैसेज को लेकर नियम बदल गए हैं। अब तलाक के मामलों में व्हाट्सएप चैट को सबूत के तौर पर पेश करने पर कोर्ट उनकी बारीकी से जांच करेगा। कोर्ट ने साफ किया है कि किसी भी डिजिटल चैट को स्वीकार करने से पहले उसकी असलियत की पुष्टि करना जरूरी है। यह फैसला उन लोगों के लिए बड़ी चेतावनी है जो ऑनलाइन बातचीत करते हैं।

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व्हाट्सएप मैसेज कब माना जाएगा सबूत?

दुबई कोर्ट ऑफ कैसेशन ने 17 अप्रैल 2026 को एक अहम फैसला सुनाया। इसके मुताबिक, व्हाट्सएप मैसेज को सबूत मानने से पहले यह देखना होगा कि मैसेज भेजने वाला व्यक्ति कौन है और क्या मैसेज के साथ कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। UAE के एविडेंस लॉ (Federal Decree-Law No. 35/2022) और पर्सनल स्टेटस लॉ के तहत डिजिटल मैसेज मान्य हैं, बशर्ते वे असली और प्रासंगिक हों।

तलाक की प्रक्रिया और डिजिटल मैसेज के नियम

  • तलाक का तरीका: कानून के मुताबिक तलाक बोलकर या लिखकर किसी भी माध्यम से दिया जा सकता है, जिसमें व्हाट्सएप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं।
  • रजिस्ट्रेशन जरूरी: अगर व्हाट्सएप के जरिए तलाक की बात कही गई है, तो कानूनी मान्यता के लिए उसे 15 दिनों के भीतर UAE कोर्ट में रजिस्टर कराना अनिवार्य है।
  • कोर्ट की कार्रवाई: हाल ही में कोर्ट ऑफ कैसेशन ने कोर्ट ऑफ अपील के एक फैसले को पलट दिया क्योंकि निचली अदालत ने मैसेज की ठीक से जांच नहीं की थी।

कानूनी जानकारों की राय और प्रवासियों पर असर

कानूनी सलाहकार डॉ. हसन एलहैस का कहना है कि यह फैसला डिजिटल सबूतों की विश्वसनीयता बढ़ाएगा और अदालतों को आधुनिक संचार माध्यमों को समझने में मदद करेगा। वहीं एडवोकेट सनाफर अराक्कल ग्राहकों को व्हाट्सएप चैट्स की मजबूती जांचने और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद लेने की सलाह देते हैं। दुबई में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों को अपनी ऑनलाइन बातचीत के प्रति अधिक सतर्क रहना होगा क्योंकि अब इनका कानूनी असर हो सकता है।