साल 2020 में जब कोरोना महामारी के कारण दुनिया भर में यात्रा पर कड़े प्रतिबंध लगे थे, तब दुबई ने एक सराहनीय कदम उठाया था। उस मुश्किल समय में कई प्रवासी माताएं और उनके नवजात बच्चे विदेश में फंस गए थे। इन परिवारों को वापस घर पहुंचाने के लिए दुबई प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने विशेष सहायता दी थी।

प्रवासी परिवारों को मिली थी बड़ी राहत

उस समय Federal Authority for Identity and Citizenship (ICA) ने स्पष्ट किया था कि जिन अभिभावकों के पास वैध रेजिडेंस वीज़ा है, उनके नवजात बच्चे यूएई आ सकते हैं। हालांकि, हर यात्री को यूएई में वापसी के लिए ICA की मंजूरी लेना अनिवार्य था। इस दौरान कई परिवारों को एयरलाइंस और वीज़ा नियमों को लेकर उलझन का सामना करना पड़ा था।

अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका

इस पूरी प्रक्रिया में Dubai Police, Emirates एयरलाइन और ICA ने मिलकर काम किया था। सामाजिक कार्यकर्ता Juhi Yasmeen Khan जैसी हस्तियों ने भी इन परिवारों की मदद के लिए सक्रिय भूमिका निभाई थी। अगर किसी अभिभावक को नवजात शिशु के लिए परमिट लेने में परेशानी आ रही थी, तो उन्हें clientsupport@tahaluf.ae पर संपर्क करने की सलाह दी गई थी।

सामान्य नियमों के अनुसार, विमान में यात्रा करने वाले नवजात शिशु की उम्र सात दिन से अधिक होनी चाहिए और उनका जन्म बिना किसी मेडिकल जटिलता के होना चाहिए। हालांकि, एयरलाइंस ने आपातकालीन स्थितियों में मानवीय आधार पर विशेष छूट भी प्रदान की थी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.